इंदौर, रविकांत वर्मा। राज्यसभा सांसद Digvijaya Singh ने इंदौर में भोजशाला विवाद और NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भोजशाला एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक है, ऐसे में वहां पूजा या इबादत की अनुमति हो सकती है या नहीं, इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे हमेशा से मूर्ति वापस लाने के पक्ष में रहे हैं, लेकिन मूर्ति की स्थापना कहां हो, यह अलग विषय है। उन्होंने कहा कि भोजशाला एक ASI प्रोटेक्टेड मॉन्यूमेंट है और वहां धार्मिक गतिविधियों की अनुमति को लेकर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट को लेना होगा।
वहीं NEET परीक्षा में बार-बार हो रहे पेपर लीक को लेकर उन्होंने इसे “बड़ा स्कैम” बताया। उन्होंने कहा कि वह संसद की हायर एजुकेशन स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं और समिति ने वर्ष 2024 में पेपर लीक रोकने के लिए विस्तृत सुझाव दिए थे। सभी दलों के सांसदों ने मिलकर सर्वसम्मति से रिपोर्ट तैयार की थी, लेकिन सरकार ने उसे लागू नहीं किया।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण लगातार NEET परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं के साथ बड़ा धोखा हो रहा है। जांच एजेंसियां केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई कर रही हैं, जबकि असली चेहरे अब भी सामने नहीं आए हैं।




