भोपाल। मध्य प्रदेश की नौकरशाही में होने वाली संभावित बड़ी प्रशासनिक सर्जरी से ठीक पहले पांढुर्णा जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रकाश चंद्र परिहार पर गाज गिरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के महज दो दिन बाद मंगलवार देर रात गृह विभाग ने त्वरित आदेश जारी कर एसपी को पद से हटा दिया। प्रशासनिक गलियारों में इस अचानक हुई कार्रवाई को मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा में हुई गंभीर चूक और लापरवाही से सीधे जोड़कर देखा जा रहा है।
काफिले के सामने सूखी फसलें लेकर खड़े हो गए थे किसान
यह पूरा मामला 4 अक्टूबर का है, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पांढुर्णा प्रवास पर पहुंचे थे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जब सीएम का काफिला वापस लौट रहा था, तभी बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने अपने हाथों में सूखी और मुरझाई फसलें लेकर काफिले को बीच रास्ते में ही रोक लिया। किसानों की मांग थी कि जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किया जाए और किसानों का कृषि कर्ज माफ किया जाए। सुरक्षा घेरा टूटते देख स्थिति को भांपते हुए मुख्यमंत्री को स्वयं गाड़ी से नीचे उतरना पड़ा था और उन्होंने सड़क पर ही खड़े होकर किसानों से ज्ञापन लेकर उनकी समस्याएं सुनी थीं। मुख्यमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुए इस बड़े छेद को पुलिस मुख्यालय ने अत्यंत गंभीरता से लिया था।
परिहार भेजे गए PHQ, विदिता धनखड़ को मिली जिले की कमान
गृह विभाग द्वारा मंगलवार देर रात जारी किए गए आदेश के अनुसार, पांढुर्णा एसपी प्रकाश चंद्र परिहार को तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं उनकी जगह दूसरी वाहिनी विसबल (SAF) ग्वालियर की सेनानी विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इसी आदेश में 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी श्रुतकीर्ति सोमवंशी, जो वर्तमान में 13वीं वाहिनी SAF ग्वालियर के सेनानी हैं, उन्हें अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ आगामी आदेश तक दूसरी वाहिनी SAF ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
जल्द आ सकती है करीब 50 IAS-IPS अफसरों की बड़ी तबादला सूची
पांढुर्णा एसपी पर हुई इस सख्त कार्रवाई के बाद प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार अब बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी में है। जल्द ही करीब 50 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने की संभावना है, जिसमें कानून-व्यवस्था और योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्त रहने वाले कई जिलों के कलेक्टर और एसपी बदले जा सकते हैं।











