छतरपुर/बकस्वाहा, राजू दुबे। छतरपुर जिले के बकस्वाहा नगर में बीती रात बदमाशों ने किसी बड़ी फिल्मी डकैती की तर्ज पर 'मध्यांचल बैंक' को अपना निशाना बनाने की कोशिश की। रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए अज्ञात बदमाशों ने बैंक के भीतर घुसकर लूट की एक बड़ी साजिश रची, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। चोरों ने बैंक के एक-एक कर सात ताले तो चटका दिए, लेकिन जब उनका सामना बैंक की अभेद्य तिजोरी से हुआ, तो उनके सारे औजार और चालाकियां धरी की धरी रह गईं। तिजोरी का मुख्य लॉक न टूटने की वजह से बैंक में रखे लाखों रुपए सुरक्षित बच गए और बदमाश खाली हाथ भागने पर मजबूर हो गए।


वारदात को अंजाम देने के लिए चोरों ने बेहद शातिराना रास्ता चुना। वे पहले बैंक के आसपास की छतों के रास्ते परिसर की ऊपरी मंजिल पर पहुँचे और वहां लगे गेट के ताले तोड़कर भीतर दाखिल हुए। बैंक के अंदर पहुँचते ही उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से एक के बाद एक सात तालों को निशाना बनाया। चोरों का आत्मविश्वास इतना प्रबल था कि वे बैंक के उस सबसे संवेदनशील हिस्से तक पहुँच गए जहाँ तिजोरी रखी थी। हालांकि, तिजोरी की मजबूती और उसके जटिल सुरक्षा तंत्र ने चोरों के पसीने छुड़ा दिए। काफी मशक्कत के बाद भी जब मुख्य ताला टस से मस नहीं हुआ, तो पकड़े जाने के डर से बदमाश वारदात को अधूरा छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए रफूचक्कर हो गए।


घटना का खुलासा सुबह उस वक्त हुआ जब शाखा प्रबंधक रोहित साहू रोज़ाना की तरह बैंक की ड्यूटी पर पहुँचे। मुख्य द्वार और अंदर के कमरों के ताले टूटे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक परिसर खुला पड़ा था और सामान बिखरा हुआ था, जिससे साफ था कि रात में यहां बड़ी हलचल हुई थी। शाखा प्रबंधक ने बिना देर किए तुरंत पुलिस को इस सेंधमारी की सूचना दी। देखते ही देखते बैंक परिसर छावनी में तब्दील हो गया और नगर में यह खबर आग की तरह फैल गई कि बैंक में बड़ी डकैती की कोशिश की गई है।


मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बकस्वाहा थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। घटना स्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड को भी बुलाया। फॉरेंसिक टीम ने ताले टूटने के तरीके और बदमाशों के पदचिन्हों का बारीकी से निरीक्षण किया, जबकि डॉग स्क्वाड ने बैंक परिसर से सटे रास्तों पर सुराग तलाशने की कोशिश की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि चोर पूरी तैयारी और पेशेवर औजारों के साथ आए थे, लेकिन तिजोरी की सुरक्षा दीवार को भेदने में वे नाकाम रहे।


फिलहाल, पुलिस बैंक के भीतर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों के हुलिए और उनके आने-जाने के रास्तों की पहचान की जा सके। थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने विश्वास दिलाया है कि संदिग्धों के बारे में अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाकर मामले का पर्दाफाश किया जाएगा। हालांकि, इस घटना के बाद से नगर के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। बैंक जैसी सुरक्षित जगह पर इस तरह की सेंधमारी ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं।