सतना, अंबिका केसरी। कानून के रखवाले जब खुद ही पीड़ित की मजबूरी का फायदा उठाकर 'पिकनिक' मनाने लगें, तो खाकी पर सवाल उठना लाजिमी है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सतना के सिविल लाइन थाने से सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित पति को उसकी गुमशुदा पत्नी की तलाश का झांसा देकर गोवा की सैर करने वाले दो प्रधान आरक्षकों पर गाज गिरी है। पुलिस अधिकारियों ने इस गंभीर कदाचरण पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रधान आरक्षक निरंजन मेहरा और रंजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब एक पीड़ित अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लेकर थाने पहुँचा था। पत्नी को खोजने के बजाय, इन दोनों प्रधान आरक्षकों ने केस को 'हाई-प्रोफाइल' बताते हुए पीड़ित को यकीन दिलाया कि उसकी पत्नी के तार गोवा से जुड़े हो सकते हैं। आरोप है कि उन्होंने अपनी जांच का रुख जानबूझकर गोवा की ओर मोड़ा और पीड़ित पर अनावश्यक दबाव बनाया कि वह अपने खर्च पर उन्हें गोवा ले जाए। पीड़ित, जो अपनी पत्नी को वापस पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार था, पुलिसकर्मियों के इस जाल में फंस गया।
गोवा पहुँचने के बाद की कहानी और भी हैरान करने वाली है। पीड़ित का आरोप है कि वहां जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई, जबकि पुलिसकर्मी उसके पैसों पर वहां के ऐशो-आराम का लुत्फ उठाते रहे। पीड़ित के मुताबिक, इस 'तफ्तीश' के नाम पर उससे करीब 65 हजार रुपए खर्च करा लिए गए, लेकिन हाथ कुछ भी नहीं लगा। हद तो तब हो गई जब पहली ट्रिप से लौटने के बाद इन वर्दीधारियों ने दोबारा गोवा जाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। तब जाकर पीड़ित को अहसास हुआ कि उसकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
सिस्टम से परेशान होकर पीड़ित ने आखिरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) का दरवाजा खटखटाया और पुलिस की इस शर्मनाक कार्यप्रणाली की लिखित शिकायत दर्ज कराई। जैसे ही यह मामला सीएम हेल्पलाइन में पहुँचा और मीडिया की सुर्खियों में आया, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। विभाग की छवि धूमिल होते देख वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए और शुरुआती तौर पर दोनों प्रधान आरक्षकों को दोषी मानते हुए लाइन हाजिर करने का फरमान सुना दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग में इस तरह की अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। वर्तमान में पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस खेल में क्या कुछ और लोग भी शामिल थे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद इन दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कठोर अनुशासनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता के भरोसे को झकझोर कर रख दिया है।



