कुख्यात तस्कर हत्याकांड: जिस पत्नी ने खाकी पर लगाए थे आरोप, उसीने भाईयों के साथ मिलकर की थी हत्या...!

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मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। सीतामऊ थाना क्षेत्र के सुरजनी गांव में 18 फरवरी को हुई कुख्यात तस्कर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस मौत के लिए परिजनों ने पुलिस की मारपीट को जिम्मेदार ठहराते हुए भारी हंगामा किया था, उसकी असल कातिल भय्यू लाला की अपनी पत्नी रुकसाना निकली। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि तस्कर की हत्या किसी बाहरी दुश्मन या पुलिस ने नहीं, बल्कि उसके सगे साले और पत्नी ने मिलकर की थी।
घटना वाले दिन जब इनामी तस्कर भय्यू लाला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, तो परिजनों ने सीधा आरोप लगाया था कि दबिश देने आई पुलिस ने उसके साथ बर्बरता की, जिससे उसकी जान चली गई। मंदसौर अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई थी और तनाव को देखते हुए डॉक्टरों के विशेष पैनल से पोस्टमार्टम करवाया गया था। हालांकि, पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई घर के भीतर ही घूमने लगी।
गरोठ की एडिशनल एसपी हेमलता कुरील ने मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि भय्यू लाला की हत्या उसकी पत्नी रुकसाना ने अपने भाइयों सलमान और बबलू के साथ मिलकर की थी। 18 फरवरी की रात योजनाबद्ध तरीके से भय्यू लाला को गोली मारी गई। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी साले सलमान और बबलू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी पत्नी रुकसाना फिलहाल फरार है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
19 मामलों का आरोपी था 'भय्यू लाला'
वाहिद उर्फ भय्यू लाला इलाके का बेहद शातिर अपराधी था। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट सहित गंभीर धाराओं में 19 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था और उस पर इनाम भी घोषित था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क का एक बड़ा चेहरा माना जाता था।
हालांकि इस खुलासे के बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस प्रशासन की साख दांव पर लगी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश की बात सामने आई। फिलहाल सीतामऊ पुलिस फरार रुकसाना की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

