श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रेत माफियाओं ने पुलिस का खौफ पैदा करने के लिए अपने नाम के पीछे ही 'SP' और 'TI' लगा लिया। इन फर्जी 'एसपी-टीआई' ने चंबल अभ्यारण्य विभाग के कार्यालय में घुसकर रेंजर के साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।


दफ्तर में घुसकर रेंजर को धमकाया

मामला 5 अप्रैल 2026 की रात का है। एफआईआर के अनुसार, रात करीब 9 से 10 बजे के बीच रेत माफियाओं का एक गुट चंबल अभ्यारण्य विभाग के सरकारी दफ्तर में दाखिल हुआ। वहां मौजूद रेंजर दीपक शर्मा और अन्य कर्मचारियों के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज की और उन्हें डराया-धमकाया। इस पूरी घटना का वीडियो 9 अप्रैल को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें रेंजर के साथ की गई बदसलूकी साफ देखी जा सकती है। इसके बाद विभाग की शिकायत पर पुलिस एक्शन मोड में आई।


हैरतअंगेज खुलासा: खुद को 'एसपी' और 'टीआई' बताते थे माफिया

इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि रेत माफियाओं ने अपना दबदबा और 'भौकाल' बनाने के लिए अपने नाम के साथ पुलिस अधिकारियों के पद जोड़ रखे थे:

शिवप्रताप उर्फ 'एसपी' (SP): इसने अपने नाम के पीछे एसपी लगा रखा था ताकि सुनने वाले को लगे कि वह पुलिस अधीक्षक के संपर्क में है या खुद बड़ा रसूख रखता है।

तस्लीम उर्फ 'टीआई' (TI): इसी तरह तस्लीम ने अपने नाम के साथ टीआई जोड़ रखा था।


इन माफियाओं का मकसद था कि जब भी कोई अधिकारी या आम नागरिक इनसे बात करे, तो पद के नाम के प्रभाव में आकर दब जाए। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही देहात थाना पुलिस ने इन्हीं लोगों को अवैध वसूली करते हुए गिरफ्तार किया था और इनके पास से बोलेरो गाड़ी भी जब्त हुई थी। इसके बावजूद इनके हौसले इतने बुलंद थे कि जेल से बाहर आते ही इन्होंने सरकारी दफ्तर में घुसकर रेंजर को निशाना बनाया।


इन आरोपियों पर दर्ज हुई FIR

कोतवाली थाना प्रभारी सत्यम गुर्जर ने बताया कि रेंजर दीपक शर्मा की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। नामजद आरोपियों में शामिल हैं:

शिव उर्फ शिवप्रताप उर्फ एसपी (निवासी श्योपुर)

तफसील जाटव उर्फ तस्लीम उर्फ टीआई (निवासी श्योपुर)

नईम खान (निवासी श्योपुर)

इसके अलावा दो अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भी शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।