पोरसा (मुरैना)। रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी खौफनाक साजिश सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पोरसा कस्बे के धनेटा रोड पर रहने वाले एक मजदूर गब्बर प्रजापति और उनकी पत्नी मिथलेश प्रजापति को क्या पता था कि उनकी अपनी ही नाबालिग बेटी उनके लिए काल बन जाएगी। बेटी ने अपने आशिक के साथ मिलकर माता-पिता को रास्ते से हटाने के लिए उनके खाने में जहर मिला दिया। गनीमत रही कि समय रहते उपचार मिल गया, जिससे 5 दिनों तक मौत से लड़ने के बाद यह दंपती बच सका।
लड़की बोले- आज मौका है, जल्दी दवा ले आओ
नाबालिग बेटी और उसके 22 वर्षीय आशिक सुदामा कड़ेरे के बीच हुई फोन पर बातचीत की तीन रिकॉर्डिंग ने इस जघन्य साजिश की परतें खोल दी हैं:
रिकॉर्डिंग 1 (दवा का इंतजाम): बेटी अपने आशिक सुदामा को फोन कर पूछती है कि चूहा मारने की दवाई मिली या नहीं। वह उसे जगह भी बताती है कि अटेर रोड पर खाद की दुकानों पर यह मिल जाएगी। वह कहती है, "आज मैं रोटी बना रही हूँ, आज मौका है, जल्दी ले आओ"।
रिकॉर्डिंग 2 (जहर की डिलीवरी): आशिक गल्ला मंडी में काली पन्नी में चूहा मार और दीमक मारने की दवा लेकर आता है और उसे बेटी को सौंप देता है। वह उसे हिदायत देता है कि पन्नी को कहीं दूर फेंक देना।
रिकॉर्डिंग 3 (काम तमाम करने की तैयारी): वारदात वाली रात बेटी बताती है कि उसने सब कुछ (जहर) मिलाकर रख दिया है और वे लोग खाना खाने वाले हैं। आशिक उससे पूछता है कि क्या-क्या मिलाया है, तो वह कहती है, "मैंने तो पूरी काली वाली दवा मिला दी है"।
अंधेरे में मोबाइल टॉर्च ने बचाई जान
29 मार्च की रात करीब 10 बजे नाबालिग बेटी ने पहली बार जिद करके खुद खाना बनाया। पिता गब्बर प्रजापति के अनुसार, जब उन्होंने पहली रोटी खाई तो वह 'किसकिसा' रही थी। अचानक लाइट चली गई, तो उन्होंने मोबाइल की टॉर्च जलाकर रोटी देखी। टॉर्च की रोशनी में रोटी अंदर से पूरी तरह 'काली' नजर आई। जहर के कारण पिता को चक्कर आने लगे, जिसके बाद डायल 112 की मदद से उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया। गंभीर हालत में उन्हें मुरैना से ग्वालियर रेफर किया गया, जहाँ 5 दिन के इलाज के बाद 2 अप्रैल को उन्हें छुट्टी मिली।
सगाई से ठीक एक दिन पहले वारदात
परिजनों ने बताया कि बेटी की हरकतों को देखते हुए उन्होंने उसकी सगाई धौलपुर के एक अच्छे परिवार में तय कर दी थी। सोमवार 30 मार्च को उसे सगाई के लिए जाना था, लेकिन रविवार 29 मार्च की रात ही उसने अपने माता-पिता को खत्म करने की कोशिश की और आशिक के साथ फरार हो गई।
धमकियों के बीच न्याय की गुहार
पीड़ित पिता गब्बर प्रजापति, जो मेहनत-मजदूरी कर अपने दो छोटे बेटों का पेट पालते हैं, अब डरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी सुदामा कड़ेरे की तरफ से उन्हें केस वापस लेने की धमकियां मिल रही हैं। यह युवक पहले भी उनकी बेटी को भगा ले गया था और जेल काट चुका है।
पोरसा थाना प्रभारी टीआई दिनेश सिंह कुशवाहा के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। नाबालिग बेटी और उसके फरार आशिक सुदामा की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।



