सतना, अंबिका केशरी। शासकीय मेडिकल कॉलेज में लगातार बिगड़ती बुनियादी सुविधाओं को लेकर डॉक्टरों और छात्रों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में पानी की गंभीर समस्या और लिफ्ट बंद रहने के विरोध में डॉक्टरों एवं छात्रों ने प्रदर्शन किया। पहले अस्पताल गेट पर नारेबाजी की गई, इसके बाद बड़ी संख्या में डॉक्टर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। तीन दिनों के भीतर यह दूसरा प्रदर्शन बताया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि कॉलेज परिसर में समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन उनका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। हाल ही में इंटरनल पाइपलाइन फूटने के कारण पूरे परिसर में जल संकट गहरा गया है। बीते शुक्रवार रात से पानी सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे छात्र, रेजिडेंट डॉक्टर और उनके परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि लोगों को बाल्टियों में पानी भरकर लाना पड़ रहा है, जबकि पीने के पानी के लिए बाजार से बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में करीब 650 लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। इनमें 450 से अधिक छात्र-छात्राएं और रेजिडेंट डॉक्टर शामिल हैं, जबकि लगभग 200 डॉक्टरों के परिवार भी जल संकट से जूझ रहे हैं। पानी की कमी का असर दैनिक कार्यों के साथ पढ़ाई और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी पड़ रहा है।
वहीं डॉक्टरों ने लिफ्ट व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि दस मंजिला मेडिकल कॉलेज भवन में 30 लिफ्ट स्थापित हैं, लेकिन इनमें से 28 लंबे समय से बंद पड़ी हैं। बिजली कटौती के चलते हालात और खराब हो रहे हैं। लिफ्ट बंद रहने से मरीजों और सामान को ऊपरी मंजिलों तक पहुंचाने में भारी दिक्कत हो रही है। कई बार मरीजों को सीढ़ियों के सहारे ऊपर ले जाना पड़ता है, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एसपी गर्ग ने बताया कि पाइपलाइन बार-बार फूट रही है। पाइपलाइन बदलने के लिए कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए गए हैं। वहीं लिफ्टों के रखरखाव के लिए अभी बजट उपलब्ध नहीं हुआ है। राशि मिलते ही मेंटिनेंस का कार्य कराया जाएगा।

