Tuesday, February 24, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
मध्य प्रदेशभोपालMP Budget 2026: किसकी उम्मीदों पर खरी उतरी सरकार....?; पढ़िए बजट का पूरा विश्लेषण

MP Budget 2026: किसकी उम्मीदों पर खरी उतरी सरकार....?; पढ़िए बजट का पूरा विश्लेषण

Post Media
News Logo
Pankaj Yadav
18 फ़रवरी 2026, 05:07 am IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

भोपाल, जीतेन्द्र यादव/सुबोध त्रिपाठी। मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत आज जोरदार हंगामे के साथ हुई। जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अपना सातवां बजट भाषण पढ़ने के लिए खड़े हुए, तो कांग्रेस विधायकों ने 'बढ़ते कर्ज' के मुद्दे पर विरोध शुरू कर दिया।


विपक्षी विधायक अपने हाथों में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर सदन पहुँचे थे। उन्होंने तख्तियां लहराते हुए सरकार पर तंज कसा कि "जब राज्य का कर्ज बजट के आकार से भी ज्यादा हो चुका है, तो सरकार सब ठीक होने का दावा कैसे कर सकती है?" विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को बार-बार शांत कराने की कोशिश की, लेकिन नारेबाजी और हंगामे के बीच ही बजट की घोषणाएं जारी रहीं।


बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वित्तीय वर्ष में जनता पर कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा। मोहन सरकार के इस तीसरे बजट को पूरी तरह से विकासोन्मुखी और जन-कल्याणकारी बनाने की कोशिश की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य 'हर हाथ को काम' देना है और यह बजट प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने वाला कदम है।


सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना के लिए इस बार 23 हजार 882 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि 'हर नारी को न्याय' देना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ बहनों को इस बजटीय आवंटन से निरंतर सहायता मिलती रहेगी। इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण की अन्य योजनाओं के माध्यम से नारी शक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का खाका खींचा गया है।


किसानों के लिए सरकार ने सौर ऊर्जा की दिशा में एक बड़ी पहल की है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के 1 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे न केवल किसानों की बिजली पर निर्भरता कम होगी, बल्कि खेती की लागत में भी भारी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में से एक है, इसलिए युवाओं को कृषि और तकनीक से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर पैदा करना हमारा संकल्प है।


बजट के प्रमुख बिंदु


=> 3000 करोड़ से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।

=> पीएम आवास के लिए 6850 करोड़ का प्रावधान।

=> पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ का प्रावधान।

=> जी रामजी के लिए 10428 करोड़ का प्रावधान।

=> मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

=> पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपए का प्रावधान।

=> 21630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना मंजूर की जा चुकी है।

=> श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित।

=> प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत अब तक 4.61 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं।

=> सड़कों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़ रुपए का प्रावधान।

=> उद्यम क्रांति योजना में 16,451 युवाओं को लोन दिया गया है।

=> नारी कल्याण की विविध योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ के प्रावधान।

=> जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान।

=> जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रुपए का प्रबंध किया गया है।

=> लाड़ली बहना योजना में 1.25 करोड़ महिलाएं रजिस्टर्ड, 23,882 करोड़ रुपए का प्रावधान।

=> 7.95 लाख स्टूडेंट्स को आर्थिक सहायता दी जाएगी।

=> 2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

=> 19300 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

=> प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3.64 करोड़ पंजीयन।

=> प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 1.54 करोड़ पंजीयन।

=> अटल पेंशन योजना में 46 लाख पंजीयन हैं।



लाड़ली बहना और नारी कल्याण पर रिकॉर्ड आवंटन

मोहन सरकार ने अपने इस तीसरे बजट में 'नारी शक्ति' को प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 882 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख पंजीकृत महिलाओं को लाभ मिलता रहेगा। इसके अलावा, नारी कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपये का विशाल बजट प्रस्तावित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।


अन्नदाता और ग्रामीण विकास: सोलर पंप और सड़कों का जाल

किसानों की आय बढ़ाने और लागत कम करने के उद्देश्य से सरकार ने 3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप देने का बड़ा ऐलान किया है। ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 21,630 करोड़ रुपये की 'मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना' को मंजूरी दी गई है। साथ ही, सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी 412 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।


युवाओं को रोजगार और जनजातीय विकास पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि "हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं और हर हाथ को काम देना हमारा संकल्प है।" इसी दिशा में उद्यम क्रांति योजना के तहत 16,451 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन दिया जा चुका है और श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार ने 11,277 गांवों के उद्धार हेतु 793 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा है। इसके साथ ही, 7 लाख 95 हजार छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी लक्ष्य है।


औद्योगिक निवेश और सामाजिक सुरक्षा का खाका

प्रदेश में निवेश के माहौल पर जानकारी देते हुए देवड़ा ने बताया कि पिछले 2 वर्षों में मध्य प्रदेश को 33 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। औद्योगिक विस्तार के लिए 19,300 एकड़ जमीन पर नए इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 4.61 करोड़ खाते और सुरक्षा बीमा योजना में 3.64 करोड़ पंजीयन के साथ सरकार ने अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचने का दावा किया है। जल जीवन मिशन के लिए भी 4,454 करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है ताकि हर घर तक नल से जल पहुँचाया जा सके।


वित्त मंत्री के भाषण की अन्य प्रमुख बातें

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण के दौरान किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार ने 3000 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश दाल उत्पादन में देश में प्रथम और गेहूं व तिलहन में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खेतों में उत्पादन से लेकर बाजार में विक्रय तक किसानों की हर संभव मदद की जाएगी। इसके अलावा, पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना को मिलाकर किसान परिवारों को सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता जारी रखने का प्रावधान किया गया है।


युवाओं और महिलाओं के लिए 'न्याय' का बजट

बजट में युवाओं और महिलाओं पर विशेष फोकस रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा, "हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं और हमारा संकल्प है कि हर हाथ को काम और हर युवा को रोजगार मिले।" महिलाओं के लिए 'हर नारी को न्याय' के उद्देश्य के साथ लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं। उम्मीद है कि लाड़ली बहनों की राशि में वृद्धि की मांग पर भी सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी।


सिंहस्थ 2028 और बुनियादी ढांचे के लिए बड़ी तैयारी

चूँकि 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ (कुंभ) का विशाल आयोजन होना है, और केंद्र सरकार ने अपने बजट में इसके लिए अलग से कोई विशेष पैकेज नहीं दिया है, इसलिए मोहन सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के बजट में ही सिंहस्थ से जुड़े बड़े कामों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि सिंहस्थ के बुनियादी ढांचे से जुड़े ज्यादातर महत्वपूर्ण कार्य 2026-27 के दौरान ही पूरे किए जाएंगे ताकि अंतिम समय में कोई दबाव न रहे।


बढ़ता कर्ज और वित्तीय संतुलन की चुनौती

राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर भी बजट में अहम जानकारी दी गई है। मध्य प्रदेश पर मौजूदा कर्ज 4.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार सरकार का कुल बजट (करीब पौने पांच लाख करोड़) राज्य पर मौजूद कुल कर्ज की राशि से कम रहने का अनुमान है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के कारण केंद्रीय करों में होने वाली 7,726 करोड़ रुपये की कटौती के बावजूद सरकार ने विकास की गति को बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे (Capex) पर खर्च बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।


पहली बार 'रोलिंग बजट' और डिजिटल क्रांति

यह मध्य प्रदेश के इतिहास का पहला पेपरलेस बजट है, जिसे वित्त मंत्री ने टैबलेट के माध्यम से पढ़ा। इस बार सरकार ने '3-Year Rolling Budget' की नई परंपरा शुरू की है, जिसमें न केवल आगामी वर्ष बल्कि अगले तीन वर्षों (2026-29) का वित्तीय खाका पेश किया गया है। 2026 को 'कृषि वर्ष' घोषित करते हुए सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन तक ले जाने का रोडमैप तैयार किया है।


आर्थिक सर्वेक्षण: 11.14% की विकास दर के साथ एमपी की छलांग

बजट से एक दिन पहले मंगलवार को सदन में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति की तस्वीर साफ की है।

GSDP ग्रोथ: मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 11.14% की दर से बढ़ रही है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 16.69 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

प्रति व्यक्ति आय: प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1.69 लाख रुपये हो गई है।

सेक्टरवार योगदान: राज्य की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र (कृषि एवं संबद्ध) का योगदान 43.09%, द्वितीयक (उद्योग) का 19.79% और तृतीयक (सेवा क्षेत्र) का 37.12% रहा है।


यह भी पढि़ए: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: विकास की दौड़ में सबसे आगे निकला मध्यप्रदेश


प्रमुख उम्मीदें: रोजगार, लाड़ली बहना और निवेश

आज के बजट से युवाओं और महिलाओं को काफी उम्मीदें हैं:

सरकारी नौकरियां: प्रदेश में करीब 50,000 नई भर्तियों की दिशा में बड़ा ऐलान हो सकता है।

लाड़ली बहना योजना: इस योजना के लिए करीब 22,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रहने की उम्मीद है, ताकि महिलाओं को मिलने वाली 1,500 रुपये की मासिक सहायता जारी रहे।

पूंजीगत व्यय (Capex): बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि सरकार का फोकस घोषणाओं से ज्यादा जमीनी निवेश पर है।


चुनौतियां और वित्तीय संतुलन

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ता कर्ज और केंद्रीय करों में होने वाली कटौती है। रिपोर्टों के अनुसार, 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद राज्य के हिस्से में करीब 7,726 करोड़ रुपये की कमी आने की संभावना है। वर्तमान में राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर करीब 4.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ऐसे में वित्त मंत्री के लिए लोकलुभावन घोषणाओं और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाना एक कठिन परीक्षा होगी।



18 फ़रवरी 2026 को 07:24 am बजे

वार्षिक बजट प्रस्तुती के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रतिक्रिया

वार्षिक बजट प्रस्तुती के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रतिक्रिया

18 फ़रवरी 2026 को 07:03 am बजे

बजट भाषण के दौरान कांग्रेस का जोरदार हंगामा, गर्भगृह में पहुँचे विधायक

मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 की प्रस्तुति के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया और कार्यवाही में बाधा डाली। जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बजट भाषण पढ़ रहे थे, तब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने लगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की बार-बार की अपील और चेतावनी को दरकिनार करते हुए, आक्रोशित कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह (Well of the House) तक पहुँच गए। हंगामे के चलते सदन में भारी शोर-शराबा हुआ, लेकिन इस विरोध के बीच भी वित्त मंत्री ने अपना बजट भाषण पढ़ना जारी रखा। विपक्ष की मांग है कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर जवाब दे और दोषी मंत्रियों का इस्तीफा लिया जाए।

18 फ़रवरी 2026 को 06:56 am बजे

पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती, तलाकशुदा बेटियों को पेंशन का ऐतिहासिक फैसला

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट के दौरान युवाओं और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने पुलिस विभाग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की पुष्टि की है, जिससे प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। पुलिसकर्मियों की सुविधा के लिए 11,000 नए आवासों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए सरकार ने एक संवेदनशील निर्णय लिया है, जिसके तहत 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन की पात्रता में बदलाव कर अब तलाकशुदा पुत्री को भी पेंशन का लाभ देने का प्रावधान किया गया है। यह कदम कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

18 फ़रवरी 2026 को 06:51 am बजे

सिंहस्थ के लिए 3,060 करोड़ का विशेष प्रावधान

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए प्रदेश की धार्मिक संस्कृति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। सरकार ने आगामी सिंहस्थ महापर्व की भव्यता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 3,060 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया है, जबकि अब तक कुल 13,851 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही, बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का लाभ देने वाली 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' के लिए 50 करोड़ रुपए और धर्म-संस्कृति के संरक्षण हेतु 2,055 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार पुलिस बल को 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराएगी, जिससे 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी करने वाली डिजिटल प्रणाली को और अधिक गति और पारदर्शिता मिल सकेगी।

18 फ़रवरी 2026 को 06:48 am बजे

कांग्रेस विधायकों के शोर-शराबे के बीच वित्त मंत्री ने पढ़ा बजट भाषण

मध्यप्रदेश विधानसभा में आज बजट पेश किए जाने के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया, जिससे सदन की कार्यवाही में काफी व्यवधान उत्पन्न हुआ। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार शांति बनाए रखने और कार्यवाही में सहयोग करने की अपील के बावजूद कांग्रेसी विधायक नारेबाजी और शोर-शराबा करते रहे। इस हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के बीच भी वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अपना धैर्य बनाए रखा और वर्ष 2026-27 के लिए सरकार का बजट भाषण पढ़ना जारी रखा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही इस खींचतान ने सदन की गरमागरम बहस को और तेज कर दिया है, वहीं सरकार ने विपक्ष के विरोध को दरकिनार करते हुए अपनी योजनाओं और बजटीय प्रावधानों को जनता के सामने रखना जारी रखा है।

18 फ़रवरी 2026 को 06:48 am बजे

श्रमिक कल्याण के लिए 1,335 करोड़ का प्रावधान

मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिकों के सर्वांगीण विकास और उनकी सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया है। इस भारी-भरकम राशि का निवेश श्रमिक कल्याण की नई योजनाओं, रोजगार के अवसरों के विस्तार और कामगारों की सामाजिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने में किया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर संगठित और असंगठित क्षेत्रों के लाखों मजदूर लाभान्वित होंगे। वित्तीय समावेशन की दिशा में भी सरकार ने ऐतिहासिक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं, जिसके तहत प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 61 लाख से अधिक खाते खोलकर गरीब और मध्यम वर्ग को बैंकिंग मुख्यधारा से जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा और पेंशन योजनाओं के प्रति जनता का भारी भरोसा देखने को मिला है; जहाँ प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख और जीवन ज्योति योजना में 1 करोड़ 54 लाख से अधिक लोग पंजीकृत हुए हैं, वहीं अटल पेंशन योजना के माध्यम से 46 लाख बुजुर्गों का भविष्य सुरक्षित किया गया है।

18 फ़रवरी 2026 को 06:47 am बजे

कृषि वानिकी योजना' से बढ़ेगी किसानों की आय

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट में पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक उन्नति को जोड़ते हुए 'कृषि वानिकी योजना' शुरू करने का बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने वन और पर्यावरण क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 6,151 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। इस नई योजना के माध्यम से किसानों को अपनी निजी भूमि पर पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे न केवल प्रदेश के हरित आवरण (ग्रीन कवर) में वृद्धि होगी, बल्कि भविष्य में लकड़ी और अन्य वनोपजों के जरिए किसानों की अतिरिक्त आमदनी भी सुनिश्चित होगी। पर्यावरण के प्रति सरकार की यह प्रतिबद्धता जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

18 फ़रवरी 2026 को 06:39 am बजे

महिला कल्याण के लिए सवा लाख करोड़

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। सरकार ने विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपए का विशाल बजट आरक्षित किया है, जो प्रदेश की आधी आबादी के आर्थिक और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 23,747 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही, बच्चों के पोषण पर ध्यान केंद्रित करते हुए कक्षा 8वीं तक के छात्रों को अब स्कूलों में टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराने की नई पहल शुरू की गई है। शहरी बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में 472 नई ई-बसें संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

18 फ़रवरी 2026 को 06:38 am बजे

छात्रवृत्ति के लिए 1800 करोड़ का प्रावधान

मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण के दौरान महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में सरकार की बड़ी उपलब्धियों का ब्योरा साझा किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की महत्वाकांक्षी 'लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0' के तहत अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है, जिसमें से 14 लाख 12 हजार छात्राओं को सीधे छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सरकार ने इस बजट में छात्रवृत्ति योजना के लिए 1800 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया है। इस बड़ी राशि के आवंटन से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही बालिकाओं को आर्थिक संबल मिलेगा और उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार होगा।

18 फ़रवरी 2026 को 06:27 am बजे

खेलों को बढ़ावा देने के लिए 815 करोड़ का बजट, हर विधानसभा में बनेगा स्टेडियम

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में खेलों और युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए खेल बजट में 815 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करना और ग्रामीण स्तर पर बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है, जिसके तहत प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य तेज कर दिया गया है। वर्तमान में राज्य के विभिन्न हिस्सों में चार बड़े स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस भारी-भरकम बजट आवंटन से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

18 फ़रवरी 2026 को 06:19 am बजे

शिक्षा, पिछड़ा वर्ग और ग्रामीण विकास के लिए वित्त मंत्री ने खोला पिटारा

मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार ने प्रदेश के 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति देने और 4 हजार युवाओं को सरदार पटेल योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है, जबकि पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और घुमक्कड़ समुदायों के उत्थान के लिए कुल 1,651 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 21,630 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है ताकि दूरस्थ अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

18 फ़रवरी 2026 को 06:18 am बजे

जनजातीय गांवों और पिछड़ा वर्ग के लिए खुला खजाना

मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने जनजातीय क्षेत्रों, पिछड़ा वर्ग और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने इस बजट में समावेशी विकास और छात्र कल्याण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

बजट की प्रमुख घोषणाएं:

जनजातीय विकास: जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का विशेष बजट प्रावधान किया गया है।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण: इस वर्ग के उत्थान और घुमक्कड़ समुदायों के लिए 1,651 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। साथ ही पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों को 'आदर्श छात्रावास' के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।

शिक्षा और छात्रवृत्ति: पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से 7.95 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। वहीं, सरदार पटेल कोचिंग योजना के तहत 4 हजार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग देने का लक्ष्य है।

कनेक्टिविटी को रफ्तार: ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए 21,630 करोड़ रुपए की विशाल कनेक्टिविटी योजना को मंजूरी दी गई है।

18 फ़रवरी 2026 को 05:55 am बजे

प्रदेश की जनता का और समावेशी होगा वर्ष 2026-27 का बजट

मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में बजट पेश करने से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। मैं मुख्यमंत्री जी और प्रदेश की जनता को इसके लिए बधाई देता हूँ। यह एक समावेशी बजट होगा, जनता का बजट होगा, जो सभी के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है और यह बजट उसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

18 फ़रवरी 2026 को 05:24 am बजे

वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ शुरू हुई कैबिनेट बैठक

Cabinet Meeting

मध्यप्रदेश विधानसभा में आज कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की शुरुआत गौरवशाली परंपरा के अनुरूप राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मंत्रिमंडल के सभी वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। सत्र के दौरान आयोजित इस कैबिनेट बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें प्रदेश के विकास, बजट प्रावधानों और लोकहित से जुड़ी कई नई योजनाओं के प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी जा सकती है। राष्ट्रगीत के साथ बैठक की शुरुआत ने सदन के माहौल को देशभक्ति और ऊर्जा से भर दिया।

18 फ़रवरी 2026 को 05:17 am बजे

विधानसभा जाने से पहले उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने किया पूजन-अर्चन, प्रदेश की खुशहाली की कामना की

Deputy CM Jagdish devda

मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज विधानसभा में प्रदेश का बजट पेश करने जा रहे हैं। बजट प्रस्तुत करने से पूर्व उन्होंने अपने निवास पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने ईश्वर से मध्यप्रदेश की सुख, समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की। पूजन के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने संकेत दिए कि यह बजट आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को पूरा करने वाला और सर्वसमाज के कल्याण पर केंद्रित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के इस बजट से प्रदेश के किसानों, युवाओं और महिलाओं को बड़ी उम्मीदें हैं। अब सभी की निगाहें विधानसभा में होने वाली बजट घोषणाओं पर टिकी हैं।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)