कैलाश विजयवर्गीय बोले- 'होली के कारण लिया निर्णय', कांग्रेस का आरोप- 'चर्चा से भाग रही सरकार'

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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के समापन को लेकर राजनीति गरमा गई है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सत्र का समापन कार्य मंत्रणा समिति के निर्णय के आधार पर किया गया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान 7000 से अधिक प्रश्न पूछे गए और कई बार ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए, जिसने सदन की कार्यवाही को विशेष बनाया।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए सत्र को समाप्त करने का निर्णय लिया गया, ताकि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में त्योहार मना सकें।
वहीं, विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि कार्य मंत्रणा समिति द्वारा 6 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद सरकार ने अचानक सत्र समाप्त करने की घोषणा कर दी। विपक्ष का आरोप है कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों, जैसे गाय का मांस बिक्री पर चर्चा होनी थी, लेकिन सरकार चर्चा से बचती रही।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार “दलालों और भ्रष्टाचार की सरकार” है। विपक्ष का यह भी कहना है कि पूरे बजट का बड़ा हिस्सा उज्जैन कुंभ पर केंद्रित कर दिया गया है, जबकि आम जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही अभी और चलनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने बिना पर्याप्त चर्चा के मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को अचानक समाप्त कर दिया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा है।


