इंदौर/भोपाल, जीतेन्द्र यादव/रविकांत वर्मा। दिल्ली के 'शर्टलेस' प्रदर्शन की आंच में शनिवार को झुलसे मध्य प्रदेश में अब शांति है, लेकिन पुलिस का डंडा चलना शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) के घेराव के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने और सरकारी काम में बाधा डालने वाले सैकड़ों भाजपाइयों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। प्रदर्शन खत्म होने के बाद अब पुलिस वीडियो और फोटोग्राफ्स के जरिए उन चेहरों की पहचान कर रही है जिन्होंने बैरिकेड्स तोड़ने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की।


भोपाल में एफआईआर: पुलिस पर दबाव बनाने वालों पर शिकंजा

राजधानी में शनिवार को उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी जब भाजपाइयों का हुजूम पीसीसी की ओर बढ़ा था। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कार्यकर्ताओं ने न केवल बैरिकेड्स फांदने की कोशिश की, बल्कि पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी की। इसी मामले में संज्ञान लेते हुए भोपाल पुलिस ने उपद्रव करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 7 नामजद और 60 अज्ञात लोगों पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।


इंदौर में खूनी संघर्ष के बाद कानूनी घेराबंदी

उधर, इंदौर के गांधी भवन के बाहर हुए 'पत्थर और टमाटर युद्ध' ने पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। यहाँ ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर आरएस बघेल पर जानलेवा पत्थर फेंकने वाले उपद्रवियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। इंदौर पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उन लोगों को पकड़ा जा सके जिन्होंने तेल की थैलियों और पत्थरों से हमला कर माहौल खराब किया। घायल एसआई का फिलहाल अस्पताल में इलाज जारी है।


अब सड़कों पर शांति, कानूनी जंग शुरू

ग्वालियर से लेकर इंदौर और भोपाल तक, शनिवार को जो रणक्षेत्र बना था, वह अब शांत है। हालांकि, विवाद की जड़—दिल्ली एआई समिट का 'शर्टलेस' विरोध- अभी भी सियासी चर्चाओं में है। प्रदर्शन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन भोपाल में दर्ज हुई एफआईआर ने अब इस लड़ाई को सड़कों से हटाकर कोर्ट की दहलीज पर पहुँचा दिया है। प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर एहतियातन अब भी पुलिस बल तैनात है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।


क्या है इस 'सियासी दंगल' की वजह?

विवाद की जड़ दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय AI समिट है, जहाँ यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 'शर्टलेस' होकर पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की थी। बीजेपी इसे 'राष्ट्रविरोधी' कृत्य बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे बेरोजगारी के खिलाफ विरोध का तरीका कह रही है। फिलहाल पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और इंदौर पुलिस सीसीटीवी के जरिए पत्थरबाजों की कुंडली खंगाल रही है।