भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के गलियारों में नियुक्तियों के नए दौर ने सियासी पारे को गरमा दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन में एक बड़ा फेरबदल करते हुए प्रदेश के कई जिलों में नए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की तैनाती कर दी है। दिल्ली से हरीश चौधरी के अनुमोदन के बाद जारी हुई यह सूची सीधे तौर पर पटवारी की नई टीम और उनकी कार्यशैली की छाप दिखा रही है। लंबे समय से निष्क्रिय पड़े ब्लॉक स्तर के ढांचे में इस 'सर्जरी' को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कांग्रेस की सबसे बड़ी किलेबंदी माना जा रहा है।


रणनीति: पुराने चेहरों की विदाई, 'परफॉर्मेंस' को तरजीह

सूत्रों की मानें तो इन नियुक्तियों के पीछे जीतू पटवारी का 'मिशन ग्रासरूट' काम कर रहा है। जिन क्षेत्रों में पिछले चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, वहां पुराने चेहरों की जगह ऊर्जावान और सक्रिय कार्यकर्ताओं को कमान सौंपी गई है। पार्टी का स्पष्ट उद्देश्य है कि ब्लॉक स्तर पर संगठन को इतना जीवंत कर दिया जाए कि बूथ मैनेजमेंट में किसी प्रकार की चूक न हो। इस फेरबदल से कई स्थानीय क्षत्रपों के गणित बिगड़ गए हैं, क्योंकि नियुक्तियों में गुटीय संतुलन के बजाय काम करने की क्षमता को प्राथमिकता दी गई है।


Congress Block List



जमीनी पकड़ और नई चुनौतियों की तैयारी

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी के साथ मिलकर तैयार किए गए इस नए संगठनात्मक ढांचे का असली इम्तिहान आने वाले स्थानीय निकाय और उपचुनावों में होगा। नई नियुक्तियों के साथ ही पार्टी ने संदेश दे दिया है कि अब केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। नवनियुक्त अध्यक्षों को सीधे तौर पर जनता के बीच जाकर सरकार की विफलताओं को उजागर करने का टास्क दिया गया है। भोपाल से लेकर जिला मुख्यालयों तक इस बदलाव को लेकर गहमागहमी तेज है, क्योंकि यह केवल अध्यक्षों का चयन नहीं, बल्कि कांग्रेस के पुनरुद्धार की नई स्क्रिप्ट मानी जा रही है।