भोपाल, जीतेन्द्र यादव। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है। घटना के अगले दिन जहां कर्मचारियों ने सविनय कार्य अवज्ञा आंदोलन शुरू कर दिया, वहीं आयुक्त अभिषेक सिंह के कक्ष के बाहर आधा दर्जन निजी बाउंसरों की तैनाती ने नए विवाद को जन्म दे दिया है।
कल का घटनाक्रम: आयुक्त कक्ष में घुसे छात्र, जमकर धक्का-मुक्की
गुरुवार को विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे ABVP कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए सीधे आयुक्त कार्यालय में दाखिल हो गए थे। इस दौरान DPI कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई और भारी धक्का-मुक्की हुई। हंगामे की सूचना मिलते ही दो जोनों के डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। घटना के विरोध में कर्मचारियों ने एकजुट होकर कामकाज ठप करने और आंदोलन पर जाने का ऐलान किया था।
आज का घटनाक्रम: पुलिस के साथ बाउंसरों का पहरा, मीडिया से बदसलूकी
शुक्रवार सुबह लोक शिक्षण संचालनालय में माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब आयुक्त कक्ष के बाहर करीब आधा दर्जन निजी बाउंसर तैनात नजर आए। सरकारी दफ्तर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच बिना प्रशासनिक अनुमति के निजी बाउंसरों की तैनाती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस दौरान कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ भी बाउंसरों द्वारा अभद्रता करने के आरोप सामने आए हैं।
पुलिस कर रही बाउंसरों से पूछताछ
शासकीय परिसर में निजी सुरक्षा गार्डों की तैनाती को लेकर मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी अनभिज्ञता जताई। पुलिस ने आयुक्त कक्ष के बाहर तैनात बाउंसरों से पूछताछ शुरू कर दी है कि उन्हें किसकी अनुमति और किस एजेंसी के माध्यम से वहां तैनात किया गया।
फिलहाल डीपीआई परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है और कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते संचालनालय का सामान्य कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।











