नई दिल्ली, 26 अप्रैल । घर का खाना अक्सर सबसे सेहतमंद माना जाता है, लेकिन क्या सिर्फ घर में बना खाना ही काफी है? सच तो यह है कि नहीं। घर का खाना तभी पूरी तरह हेल्दी बनता है जब उसे सही तरीके से पकाया जाए। मतलब सिर्फ अच्छा सामान लाना ही नहीं, बल्कि उसे पकाने का तरीका भी उतना ही जरूरी है। अगर कुकिंग का तरीका गलत हो, तो पौष्टिक चीजें भी फायदा कम देती हैं।महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि घर पर बना खाना सेहत के लिए तभी फायदेमंद है जब उसे सही तरीके से बनाया जाए। कई बार लोग खाना बनाते हुए कुछ चीजें नजरअंदाज या गलत कर देते हैं जिससे खाने का सारा न्यूट्रिशन खत्म हो जाता है और वो सिर्फ पेट भरने के काम आता है। इसलिए सही कुकिंग टिप्स अपनाना बहुत जरूरी है।

सब्ज़ियों को ज्यादा देर तक उबालने से उनके अंदर मौजूद विटामिन और मिनरल खत्म हो सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि सब्जियों को हल्का स्टीम करें या कम पानी में पकाएं। इससे उनका पोषण भी बचता है और स्वाद भी अच्छा रहता है। कोशिश करें कि सब्जियां ज्यादा गलाकर न पकाएं।

दूसरी अहम बात है तेल का इस्तेमाल। कई लोग खाना बनाने में बहुत ज्यादा तेल डालते हैं, जिससे खाना भारी और अनहेल्दी हो जाता है। हमेशा सीमित मात्रा में तेल इस्तेमाल करें और ध्यान रखें कि एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल न करें। इससे उसमें हानिकारक तत्व बन सकते हैं।

दालें और अनाज पकाने से पहले उन्हें कुछ घंटे भिगोना बहुत फायदेमंद होता है। इससे वे जल्दी पकती हैं और पचाने में भी आसान होती हैं। कुछ चीजें जैसे चना या मूंग को अंकुरित करके खाना और भी ज्यादा पौष्टिक होता है।

आजकल लोग जूस पीना पसंद करते हैं, लेकिन असली फायदा साबुत फल खाने में है। साबुत फल में फाइबर होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और पाचन के लिए अच्छा होता है। इसलिए जूस की जगह फल खाना ज्यादा बेहतर विकल्प है।

एक और जरूरी बात है मसालों का सही उपयोग। बहुत ज्यादा मसाले डालने से खाना भारी हो सकता है। हल्के और संतुलित मसालों का इस्तेमाल खाने को स्वादिष्ट भी बनाता है और सेहतमंद भी रखता है।

इसके साथ ही कोशिश करें कि खाना ताजा बनाकर खाया जाए। बहुत देर पहले बना हुआ या दोबारा गर्म किया हुआ खाना पोषण में थोड़ा कम हो सकता है।