बिजली विभाग की लापरवाही की भारी कीमत: मासूम की मौत के बाद सरकारी दफ्तरों की चौखट पर दम तोड़ती मां की उम्मीद"

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छतरपुर,शिवम सोनी । छतरपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक पीड़ित मां अपने बेटे की मौत के बाद आर्थिक सहायता के लिए गुहार लगाने पहुंची। महिला ने बताया कि करीब एक साल पहले उसके बेटे की करंट लगने से मौत हो गई थी, लेकिन अब तक उसे शासन की ओर से कोई मुआवजा या आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। पीड़ित महिला ने कलेक्टर से न्याय दिलाने और सहायता राशि दिलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार मातगुवां थाना क्षेत्र के ग्राम खड़गये निवासी हरवाई यादव पत्नी धूराम यादव मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंची और कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा। अपने आवेदन में महिला ने बताया कि 9 अप्रैल 2025 को तेज आंधी-तूफान के दौरान उसका बेटा घर की छत पर मौजूद था। इसी दौरान पास से गुजर रहे बिजली के तारों की चपेट में आने से उसे जोरदार करंट लग गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद परिजन तत्काल उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण करंट लगना ही बताया गया। पीड़ित महिला का कहना है कि घटना के बाद से वह लगातार शासन की आर्थिक सहायता के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक उसे कोई राहत नहीं मिल पाई है।
महिला ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर है और बेटे की मौत के बाद घर की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। ऐसे में शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि ही उनके परिवार के लिए सहारा बन सकती है।
हरवाई यादव, पीड़ित मां
जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद महिला ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की जांच कराते हुए शासन की योजना के तहत उसे आर्थिक सहायता राशि दिलाई जाए, ताकि उसके परिवार को कुछ राहत मिल सके। वहीं अधिकारियों ने भी आवेदन लेकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


