छतरपुर, संदीप यादव। छतरपुर के थाना सिविल लाइन अंतर्गत ग्राम महाराजगंज में आस्था और दान के नाम पर अमानवीयता का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक समरसता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक मंदिर के लिए महज दो क्विंटल गेहूं का दान न दे पाने की भूल एक गरीब परिवार पर भारी पड़ गई। गांव के ही कुछ रसूखदार दबंगों ने इस बात से नाराज होकर एक ही परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
मामला जिला मुख्यालय के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम महाराजगंज निवासी 55 वर्षीय कूरा अहिरवार अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे, तभी गांव के श्याम पटेल, हरदयाल पटेल, कृपाल पटेल, राजा भैया पटेल और श्रीपत पटेल वहां पहुंचे। इन आरोपियों ने मंदिर के नाम पर दो क्विंटल गेहूं की मांग रखी। जब कूरा अहिरवार ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए असमर्थता जताई और दो क्विंटल के स्थान पर एक क्विंटल गेहूं देने की पेशकश की, तो आरोपी आगबबूला हो गए। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार को घेर लिया और बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
इस बर्बर हमले में कूरा अहिरवार (55), उनकी पत्नी गिरजा अहिरवार (53), पुत्र वीरेंद्र अहिरवार (26), अमर अहिरवार (15) और रिश्तेदार छिद्दी अहिरवार (45) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में महिलाएं और किशोर भी शामिल हैं, जो दबंगों के कहर का शिकार बने। लहूलुहान अवस्था में पीड़ित परिवार किसी तरह सिविल लाइन थाने पहुँचा, जहाँ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
फिलहाल सभी पांच घायलों का उपचार छतरपुर जिला अस्पताल में जारी है। इस हिंसक वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है, जिसने प्रशासन की सक्रियता और बढ़ा दी है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

