लुगासी।,कमल यादव। नौगांव क्षेत्र के लुगासी गांव स्थित छत्रसाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ हुई। विद्यालय के प्राचार्य संजीव तिवारी ने स्कूल की गतिविधियों की जानकारी दी, वहीं अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।


इस दौरान विद्यालय परिसर में संस्थापक दानदाता राव भोपाल सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक कामाख्या प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री मानवेंद्र सिंह, दानदाता हरगोविंद सिंह उर्फ छोटे राजा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के दौरान गांव और आसपास के लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद विद्यालय के शासकीयकरण (हैंडओवर) को लेकर थी। पिछले 22 वर्षों से इस प्रक्रिया के पूर्ण होने का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मंत्री के आगमन पर इस संबंध में कोई ठोस घोषणा होगी, लेकिन मंत्री ने केवल आश्वासन देते हुए कहा कि प्रक्रिया जारी है और शीघ्र ही विद्यालय को शासकीय किया जाएगा।


मंत्री के इस बयान के बाद ग्रामीणों और विद्यालय से जुड़े लोगों में मायूसी देखने को मिली। गौरतलब है कि वर्ष 1973 में स्थापित इस विद्यालय में कभी करीब 40 गांवों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के छात्र भी अध्ययन करने आते थे। वर्तमान में भी यह विद्यालय अर्ध-शासकीय व्यवस्था में संचालित हो रहा है, जहां केवल प्राचार्य को ही सरकारी वेतन मिलता है, जबकि अन्य स्टाफ का भुगतान समिति के माध्यम से किया जाता है।


ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के शासकीय होने से शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इससे लुगासी सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अनिवार्य है। इसके अलावा हरपालपुर में लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से संदीपनी विद्यालय खोलने की घोषणा भी की गई।


हालांकि, लंबे समय से लंबित मांग पर केवल आश्वासन मिलने से ग्रामीणों की उम्मीदें एक बार फिर अधूरी रह गईं।