छतरपुर, संदीप यादव। जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिनदहाड़े मोराहा से सड़क निर्माण से जुड़ी एमकेसी कंपनी के सुपरवाइजर राम खिलाड़ी शर्मा का अपहरण करने वाले चार आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सटई के जंगलों से पीडि़त को सुरक्षित मुक्त कराने के साथ ही बदमाशों के खाते में ट्रांसफर की गई 10 लाख रुपए की फिरौती की रकम को भी फ्रीज करा दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त बोलेरो कार, एक कट्टा, कारतूस और पीडि़त की मोटरसाइकिल बरामद की है। वहीं कोतवाली से महल तक आरोपियों का जुलूस भी निकाला गया।


कोतवाली टीआई सतीश सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना के बाद भान सिंह, विशाल यादव एवं एक अन्य पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की सघन विवेचना के उपरांत आरोपी भान सिंह, विशाल यादव, विकास यादव और अंकित यादव के ऊपर अपराध पूरी तरह सिद्ध पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर इन चारों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से पुलिस ने एक 315 बोर का कट्टा, जिंदा कारतूस, पीडि़त की मोटरसाइकिल, आरोपियों के मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार जब्त की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और यदि इस सनसनीखेज वारदात में कुछ अन्य लोग भी शामिल पाए जाते हैं, तो उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।


यह था पूरा मामला


कोतवाली थाना क्षेत्र के मोरवा गांव में सड़क निर्माण के लिए मिट्टी उपलब्ध कराने वाली एमकेसी कंपनी का कार्यालय स्थित है। घटना के दिन बोलेरो सवार तीन बदमाश कंपनी के कार्यालय पहुंचे और वहां मौजूद सुपरवाइजर राम खिलाड़ी शर्मा के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद बदमाश उन्हें जबरन गाड़ी में डालकर भाग निकले। अपहरण की इस वारदात के कुछ ही देर बाद बदमाशों ने पीडि़त के परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। डर के मारे परिजनों ने बदमाशों द्वारा बताए गए बैंक खाते में फिरौती की रकम ट्रांसफर भी कर दी थी।


कंपनी के मैनेजर संजय सोढ़ी द्वारा पुलिस को घटना की सूचना दिए जाने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी रजत सकलेचा और एएसपी आदित्य पटले ने तत्काल कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित कीं। सीएसपी अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस बल ने रातभर संदिग्ध ठिकानों और जंगलों में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। पुलिस के बढ़ते चौतरफा दबाव को देखकर बदमाश पीडि़त सुपरवाइजर को सटई क्षेत्र के जंगलों में छोड़कर भागने की कोशिश करने लगे, जहां मुस्तैद पुलिस टीम ने राम खिलाड़ी शर्मा को सुरक्षित मुक्त करा लिया। इसके साथ ही पुलिस ने साइबर सेल की मदद से संबंधित बैंक खाते को तत्काल होल्ड करा दिया, जिससे फिरौती की रकम बदमाशों के हाथ नहीं लग सकी। पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई से पीडि़त के परिवार और कंपनी प्रबंधन ने राहत की सांस ली है।