मंडला | मंडला जिले के निवास-मंडला मार्ग पर शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। निवास विधानसभा सीट से तीन बार के पूर्व विधायक रामप्यारे कुलस्ते की कार बकौरी और खारी गांव के बीच अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गई। इस भीषण हादसे में कार ने कई पलटी खाई, जिससे पूर्व विधायक को सिर, पैर और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त कार के एयरबैग समय पर खुल गए, जिससे उनकी जान बच गई। रामप्यारे कुलस्ते भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के छोटे भाई हैं।


खुद ड्राइव कर रहे थे कार, गड्ढे में जा गिरी गाड़ी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक रामप्यारे कुलस्ते शुक्रवार को निवास से खुद अपनी कार ड्राइव करते हुए भाजपा संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए मंडला जिला मुख्यालय जा रहे थे। दोपहर के वक्त जैसे ही उनकी कार बकौरी और खारी गांव के बीच पहुंची, अचानक वाहन पर से उनका नियंत्रण खो गया। रफ्तार तेज होने के कारण कार सड़क से उतरकर कई बार पलटी और किनारे बने एक बड़े गड्ढे में जा गिरी।


भाजपा नेता ने ग्रामीणों की मदद से निकाला बाहर

हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार के भीतर पूर्व विधायक बुरी तरह फंस गए थे। इसी दौरान उस मार्ग से गुजर रहे भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजेश जैन ने दुर्घटना देखी। "राजेश जैन ने बिना वक्त गंवाए अपनी गाड़ी रोकी और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद पूर्व विधायक को कार से सुरक्षित बाहर निकाला गया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।"

- चश्मदीद, बकौरी


कार्यकर्ताओं का लगा तांता, डॉक्टरों ने कहा- स्थिति स्थिर

पूर्व विधायक के एक्सीडेंट की खबर जैसे ही मंडला और निवास क्षेत्र में फैली, भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों का जिला अस्पताल में तांता लग गया। हर कोई उनका हाल-चाल जानने के लिए उत्सुक दिखा। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, रामप्यारे कुलस्ते पूरी तरह होश में हैं और बातचीत कर रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर, पैर और पीठ में अंदरूनी चोटें आई हैं। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर और खतरे से बाहर है। चोट कितनी गहरी है, इसका सटीक आकलन एक्सरे और अन्य मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।


निवास सीट से तीन बार विधायक रहे हैं कुलस्ते

रामप्यारे कुलस्ते का ग्वालियर-चंबल और महाकौशल अंचल के आदिवासी नेतृत्व में बड़ा नाम है। वे मंडला जिले की निवास विधानसभा सीट से लगातार तीन बार (वर्ष 2003, 2008 और 2013) भाजपा के टिकट पर विधायक चुने जा चुके हैं।


2018 का चुनाव: वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के डॉ. अशोक मर्सकोले के हाथों 28,315 मतों से शिकस्त का सामना करना पड़ा था।


2023 का समीकरण: साल 2023 के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रणनीतिक बदलाव करते हुए रामप्यारे कुलस्ते की जगह उनके बड़े भाई और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को निवास सीट से मैदान में उतारा था। क्षेत्र के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व विधायक के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।