सतना,अंबिका केशरी। सतना के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में प्राचार्य डॉ. सच्चिदानंद पांडेय के खिलाफ कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने प्राचार्य पर दुर्व्यवहार और भुगतान रोकने के आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।


सोमवार को डाइट सतना परिसर में सेवानिवृत्त कर्मचारी सुरेशचंद्र मिश्रा और रिटायर्ड व्याख्याता प्रदीप त्रिपाठी भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनका आरोप है कि प्राचार्य के कार्यकाल में सेवानिवृत्त हुए अधिकांश कर्मचारियों के भुगतान अब तक लंबित हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


सुरेशचंद्र मिश्रा ने बताया कि उनकी सेवानिवृत्ति 31 जनवरी 2026 को हुई थी, लेकिन उन्हें सम्मानजनक विदाई देने के बजाय संस्थान के कमरों में ताला बंद कर दिया गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं, उन्हें अब तक सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं दिया गया है।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनवरी माह का वेतन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ 23 मार्च तक नहीं दिए गए हैं। इस संबंध में उन्होंने पहले ही कलेक्टर को शिकायत भी सौंपी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है कि प्राचार्य सच्चिदानंद पांडेय को 16 अप्रैल 2024 को निलंबित किया गया था और उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है, जो अब तक पूरी नहीं हुई है। आरोप है कि जांच के दौरान कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें पक्ष में बयान देने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है।


वहीं, दो साल पहले सेवानिवृत्त हुईं प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी अंजना श्रीवास्तव ने भी अपने भुगतान लंबित होने की शिकायत की है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन देने के बावजूद उन्हें अब तक उनका हक नहीं मिला। कर्मचारियों ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच के लिए प्राचार्य को तत्काल पद से हटाया जाए और सभी लंबित भुगतान जल्द से जल्द किए जाएं। इस संबंध में एक दर्जन कर्मचारियों ने रीवा कमिश्नर को भी लिखित शिकायत भेजी है।


फिलहाल, कर्मचारियों की भूख हड़ताल से मामला तूल पकड़ता जा रहा है और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।