सतना, अंबिका केशरी। जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। ताजा मामला शहर के एक व्यस्त चौराहे का है, जहां विभाग ने ‘लोकेशन’ का हवाला देते हुए एक व्यवस्थित रूप से संचालित शराब दुकान को अचानक सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद ठेकेदार और उसके कर्मचारियों को अब खुले आसमान के नीचे अस्थायी टेंट लगाकर दुकान चलाने को मजबूर होना पड़ रहा है, जहां न सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।


दुकान संचालक राजकुमार पांडे ने आरोप लगाया है कि आबकारी विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के अचानक कार्रवाई करते हुए उन्हें दुकान से बेदखल कर दिया। उन्होंने बताया कि वे रिवर व्यू होटल के सामने स्थित चौराहे पर पिछले 15 दिनों से सुचारू रूप से दुकान चला रहे थे, लेकिन विभाग ने रातों-रात दुकान सील कर दी। वर्तमान में वे अस्थायी टेंट के नीचे व्यापार कर रहे हैं, जहां मौसम की मार के साथ-साथ चोरी और लूटपाट का खतरा लगातार बना हुआ है।


वहीं ठेका कर्मचारी सौरभ पांडे ने इस पूरे मामले को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि इसी स्थान पर पहले ‘भाटिया’ ग्रुप की दुकान पिछले दो वर्षों से बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रही थी, तब विभाग को लोकेशन से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन जैसे ही नए ठेकेदार ने दुकान संभाली, तथाकथित ‘शराब सिंडिकेट’ सक्रिय हो गया और दबाव में आकर विभाग ने कार्रवाई कर दी, ताकि नए संचालक का व्यापार प्रभावित हो सके।


कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि खुले टेंट में करोड़ों रुपये का माल रखा हुआ है और रात के समय किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है, लेकिन न तो आबकारी विभाग और न ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी ली है। ठेकेदार का कहना है कि उन्होंने भारी भरकम बोली लगाकर यह ठेका हासिल किया है, लेकिन विभाग की मनमानी के चलते उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है।