सटई, टॉफ़ीक़। नगर सटई में ईद-उल-फितर का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर सुबह से ही पूरे नगर में त्योहार का माहौल देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नए कपड़े पहनकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और खुशियों का इजहार किया।
सुबह लगभग 9 बजे सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम भाई बस स्टैंड स्थित ईदगाह पर एकत्रित हुए, जहां जामा मस्जिद के मौलाना स्वालहीन रजा द्वारा ईद की नमाज अदा कराई गई। नमाज से पहले हाफिज द्वारा लोगों को नमाज अदा करने का तरीका बताया गया, जिसके बाद इमाम ने खुतबा पढ़ा और सभी ने एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद देश और शहर में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ मांगी गई।
ईद के इस अवसर पर प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया।
शहर सदर अहमद सौदागर ने बताया कि रमजान का महीना इबादत और आत्मसंयम का महीना होता है, जिसमें सभी मुस्लिम भाई एक माह तक रोजे रखते हैं। चांद दिखाई देने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ईद हमें संयम, त्याग, दान और मानवता का संदेश देती है। इस दिन जकात और फितरा देकर जरूरतमंदों की मदद करना भी इस त्योहार की महत्वपूर्ण परंपरा है, जिससे हर व्यक्ति इस खुशी में शामिल हो सके।
एक महीने की इबादत के बाद ईद के दिन सुबह से ही ईदगाह परिसर में रौनक देखने को मिली। बच्चों में खासा उत्साह नजर आया, वहीं ईदगाह के बाहर मेले जैसा माहौल रहा, जहां लोगों ने खरीदारी और खानपान का आनंद लिया।

