छतरपुर,शिवम सोनी। शहर के जिला अस्पताल में रविवार को लंबी बिजली कटौती के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस कार्य के चलते अस्पताल में कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिसका सीधा असर मरीजों और उनकी देखभाल पर पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी ब्लड बैंक में देखने को मिली, जहां दूर-दराज से आए मरीजों और उनके परिजनों को खून उपलब्ध न होने के कारण लंबा इंतजार करना पड़ा।
ब्लड बैंक में बिजली न होने से न तो रक्त इकट्ठा किया जा सका और न ही जरूरी जांचें संभव हो पाईं। कई परिजनों ने बताया कि वे गंभीर मरीजों के लिए खून लेने पहुंचे थे, लेकिन बिजली की अनुपस्थिति के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे मरीजों की हालत और बिगड़ने का खतरा बढ़ गया।
हैरत की बात यह रही कि अस्पताल में जनरेटर की सुविधा मौजूद होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया गया। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का आरोप है कि जनरेटर केवल दिखावे के लिए रखा गया है और असल जरूरत के समय उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा। कई लोगों ने इसे अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही करार दिया।
मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर खुलकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं ऐसी मूलभूत जरूरत हैं जहां बिजली कटौती जैसी छोटी सी समस्या भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने मांग की कि ऐसी अव्यवस्था को तुरंत दूर किया जाए।

