भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक कदम ने सियासी और धार्मिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। भगवान रामलला के मंदिर शिलान्यास के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा होने जा रहा है, जिसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस यात्रा का मुख्य सार उनकी उस धार्मिक आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम के प्रति समर्पण में छिपा है, जिसके तहत वे वर्षों बाद सीधे तौर पर राम जन्मभूमि की मिट्टी पर नतमस्तक होकर पूजन-अर्चन करेंगे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रामनवमी के शुभ अवसर पर अयोध्या पहुंचेंगे। उनका विमान सुबह 9:40 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पर लैंड करेगा, जहाँ से वे सीधे धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत करेंगे। उनकी इस यात्रा का केंद्र बिंदु भगवान रामलला के भव्य दर्शन और पूजन हैं। अयोध्या की परंपरा का निर्वहन करते हुए, वे सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में माथा टेकेंगे, जिसके बाद वे मुख्य राम मंदिर और ऐतिहासिक कनक भवन में दर्शन के लिए प्रस्थान करेंगे।
दिग्विजय सिंह का यह दौरा उनकी उस पुरानी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है, जो उन्होंने मंदिर निर्माण के समय प्रदर्शित की थी। उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण के लिए 1,11,111 की राशि का चेक भेंट कर अपना योगदान दिया था। अब मंदिर के पूर्ण होने और रामनवमी जैसे विशेष मुहूर्त पर उनका वहां पहुंचना, उनके व्यक्तिगत विश्वास और प्रभु राम के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा का प्रमाण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौर में विपक्षी नेता का यह धार्मिक प्रवास प्रदेश में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


