छतरपुर,विनोद मिश्रा। जिले के बड़ामलहरा अनुभाग के घुवारा क्षेत्र से प्रशासनिक लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां जनगणना कार्य के लिए जारी सूची में एक ऐसे शिक्षक का नाम शामिल कर दिया गया, जिनका निधन करीब दो साल पहले ही हो चुका है। इस घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड अपडेट सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।


जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षक हरिश्चंद्र जैन का निधन 15 अप्रैल 2023 को हो गया था, लेकिन इसके बावजूद हाल ही में मकान सूचीकरण और जनगणना प्रशिक्षण के लिए जारी सूची में उनका नाम दर्ज कर उन्हें जिम्मेदारी सौंप दी गई। यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं किए गए, जिससे इतनी बड़ी चूक सामने आई।


स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर लोगों में नाराजगी है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब मृत कर्मचारी का नाम तक सूची से नहीं हटाया गया, तो अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यह मामला न केवल लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है।


मामले में जब जिम्मेदार अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो एसडीएम बड़ामलहरा अखिल राठौर और तहसीलदार आदित्य सोनकिया ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। दोनों अधिकारियों की चुप्पी ने मामले को और गंभीर बना दिया है और यह संकेत दे रही है कि प्रशासन इस मुद्दे पर खुलकर सामने आने से बच रहा है।