पटना। इंडिया गठबंधन के प्रस्तावित ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम और रैली को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए उसके आंदोलन को निराधार और तर्कहीन बताया। वहीं, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के एमएलसी नीरज कुमार ने भी इंडिया गठबंधन की राजनीतिक एकजुटता पर सवाल उठाए। दोनों नेताओं ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और राजनीतिक अराजकता पैदा करने का आरोप लगाया।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने इंडी गठबंधन के ‘सड़क पर संसद’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई मॉक पार्लियामेंट नहीं, बल्कि लोकतंत्र का मजाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ के आधार पर एक निराधार आंदोलन खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। गुरु प्रकाश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कई बार इस मामले में अपनी बात स्पष्ट कर चुका है और उसकी संविधान पीठ भी इसे पूरी तरह संवैधानिक बता चुकी है। उन्होंने कहा कि झूठे, निराधार और तर्कहीन आंदोलन का कोई औचित्य नहीं है।

भाजपा प्रवक्ता ने इंडी गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर न तो समन्वय है और न ही आपसी सहयोग। यह केवल राहुल गांधी और इंडी गठबंधन की हठधर्मिता का परिणाम है।

गुरु प्रकाश ने रैली की तारीख को लेकर सिख समुदाय से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक नवंबर का दिन ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील है। इस दिन दिल्ली में सिख समुदाय की महिलाओं और अन्य लोगों के साथ हुई घटनाओं को याद रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐतिहासिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखे बिना लगातार इसी तारीख पर कार्यक्रम आयोजित करने की जिद करना विपक्ष की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

इंडिया गठबंधन की रैली को यूट्यूबर ध्रुव राठी का समर्थन मिलने के सवाल पर भी गुरु प्रकाश ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ध्रुव राठी, नेहा बोरा और अन्य लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि ये लोग कौन हैं और उनकी विचारधारा क्या है।

उन्होंने नेहा बोरा के बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि वह इंडी गठबंधन की रैली के मंच पर दिखाई देती हैं, तो इससे गठबंधन की संविधान के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होंगे। गुरु प्रकाश ने आरोप लगाया कि शरजील इमाम भारतीय संविधान को फासीवादी दस्तावेज बताते रहे हैं। ऐसे लोगों के समर्थन को लेकर विपक्ष को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के प्रति इंडिया गठबंधन की आस्था और निष्ठा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

वहीं, जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने इंडी गठबंधन की राजनीतिक एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह गठबंधन राजनीतिक रूप से कितना सक्रिय है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावों का जिक्र करते हुए पूछा कि वहां इंडिया ब्लॉक कहां दिखाई दिया?

नीरज कुमार ने कहा कि विपक्ष संसद की जगह मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर रहा है, जबकि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को संसद में बैठकर काम करने के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री विपक्ष की सहमति से संसद का विशेष सत्र बुलाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में विपक्ष को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर उसे क्या चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में राजनीतिक अराजकता का माहौल पैदा करना चाहता है और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहा है।

नीरज कुमार ने सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जेडीयू के कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ की ओर से सरदार पटेल के सम्मान में प्रतियोगिता आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देशी रियासतों का एकीकरण कर राष्ट्र को एकजुट करने, प्रशासनिक ढांचा तैयार करने और सामाजिक सद्भाव स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने दोनों नेताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया।