इंदौर। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के पॉश इलाके तुकोगंज में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे और व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। प्रसिद्ध रियल स्टेट कारोबारी संजय जैन को कुख्यात बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी भरा फोन आया है। शुरुआती कॉल में कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, लेकिन जब भयभीत व्यापारी ने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया, तो आरोपियों ने फिरौती की रकम बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दी और जान से मारने की सीधी चेतावनी दी।


वसूली का 'पेनल्टी मॉडल': फोन न उठाना पड़ा महंगा

तुकोगंज थाना पुलिस के अनुसार, कारोबारी संजय जैन ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें अज्ञात नंबरों से फोन कर खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया गया। धमकी देने वाले ने स्पष्ट लहजे में कहा कि पहले 10 करोड़ मांगे थे, लेकिन अब 'अनादर' के बदले 5 करोड़ अतिरिक्त यानी कुल 15 करोड़ रुपये देने होंगे। इस फिरौती कॉल के बाद से कारोबारी का परिवार दहशत में है। पुलिस अब उन नंबरों को ट्रेस कर रही है जिनसे कॉल किए गए थे।


बिश्नोई गैंग का साया या किसी शरारती तत्व की साजिश?

इंदौर पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है क्योंकि हाल के दिनों में देशभर के बड़े व्यापारियों और मशहूर हस्तियों को बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकियां मिलने के मामले बढ़े हैं। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या वाकई यह कॉल किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है या फिर किसी स्थानीय अपराधी ने सनसनी फैलाने और मोटी रकम वसूलने के लिए इस नाम का सहारा लिया है। फिलहाल, तुकोगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और व्यापारी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

खरगोन में 'लॉरेंस बिश्नोई' की दहशत: उद्योगपति के घर पर नकाबपोशों की अंधाधुंध फायरिंग

वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के खरगोन जिले का कसरावद इलाका उस वक्त थर्रा गया, जब भीलगांव के बड़े उद्योगपति और किसान कारोबारी दिलीप सिंह राठौर के सूने घर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। 16 मार्च की शाम हुई इस सनसनीखेज वारदात ने तब और भी गंभीर मोड़ ले लिया, जब इस हमले के पीछे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में गैंग ने न केवल इस फायरिंग की जिम्मेदारी ली है, बल्कि कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी की मांग करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी है।


सीसीटीवी में कैद 'खौफ का मंजर': खाली घर बना निशाना

वारदात के वक्त दिलीप राठौर और उनका पूरा परिवार इंदौर में था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ दिख रहा है कि एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाश घर के सामने रुकते हैं और अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर देते हैं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका सहम गया, लेकिन जब तक ग्रामीण मौके पर पहुँचते, हमलावर तेजी से फरार हो गए। कारोबारी के पुत्र सत्येंद्र राठौर की शिकायत पर कसरावद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।


'हैरी बॉक्सर' का नाम और 10 करोड़ की डिमांड

इस पूरी घटना के पीछे 'हैरी बॉक्सर' नाम के व्यक्ति का जिक्र किया जा रहा है, जो कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जाता है। सोशल मीडिया पर किए गए दावे में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 10 करोड़ रुपये की मांग पूरी नहीं हुई, तो अगला निशाना सीधा उद्योगपति होंगे। खरगोन जैसे शांत इलाके में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गैंग का नाम आने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एहतियात के तौर पर राठौर परिवार के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।


गैंगस्टर का खौफ या स्थानीय साजिश?

पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या वाकई यह हमला लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने करवाया है या फिर किसी स्थानीय गिरोह ने दहशत फैलाने और वसूली के लिए इस बड़े नाम का सहारा लिया है। साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें सोशल मीडिया पोस्ट के आईपी एड्रेस और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही हैं। इंदौर के बाद अब खरगोन में इस तरह की धमकी ने प्रदेश के बड़े कारोबारियों की नींद उड़ा दी है।