सागर। बीना विधायक निर्मला सप्रे के एक बयान ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सागर में मीडिया से बातचीत के दौरान सप्रे ने कहा कि यदि बीना को जिला बना दिया जाए और विकास कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपए दिए जाएं, तो वे साथ रहने को तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। निर्मला सप्रे ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य बीना का विकास है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए दावा किया कि पिछले दो वर्षों में क्षेत्र में 300 करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राजनीतिक स्थिति को लेकर अंतिम फैसला अदालत करेगी और वे उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगी।


विपक्ष ने इस बयान को लेकर भाजपा और विधायक दोनों पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इसे खुली राजनीतिक सौदेबाजी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र कोई मंडी नहीं है, जहां जनादेश की कीमत तय की जाए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान निर्मला सप्रे मुख्यमंत्री मोहन यादव के मंच पर दिखाई दी थीं और भाजपा का गमछा पहना था। इसके बाद से ही उनकी राजनीतिक निष्ठा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उनकी सदस्यता समाप्त करने की याचिका भी दायर कर चुके हैं। अब इस पूरे मामले पर सबकी नजर अदालत के फैसले पर टिकी है, लेकिन सप्रे के बयान ने प्रदेश की राजनीति में विकास बनाम विचारधारा की बहस को फिर से तेज कर दिया है।