भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे इंतजार के बाद निगम, मंडल और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसकी पहली कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया को 6वें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार द्वारा उनके नाम पर सहमति बनने के बाद आधिकारिक घोषणा कर दी गई है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है।
जयभान सिंह पवैया की यह नियुक्ति उनकी सक्रिय राजनीति में दमदार वापसी के रूप में देखी जा रही है। वे पूर्व में शिवराज सिंह चौहान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं और ग्वालियर से सांसद के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। पिछले कुछ समय से राजनीतिक रूप से शांत नजर आ रहे पवैया की वापसी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा के समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पवैया को प्रदेश में एक मजबूत हिंदुत्ववादी चेहरे के रूप में जाना जाता है। वे बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक भी रह चुके हैं, जिससे संगठन और जमीनी राजनीति दोनों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। उनकी नियुक्ति से संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य सरकार ने आयोग में प्रशासनिक अनुभव को भी प्राथमिकता दी है। पूर्व आईएएस केके सिंह और विधानसभा के पूर्व एडिशनल सेक्रेटरी वीरेंद्र कुमार को सदस्य सचिव बनाया गया है। इससे साफ है कि सरकार राजनीतिक संतुलन के साथ प्रशासनिक दक्षता को भी मजबूत करना चाहती है।
गौरतलब है कि राज्य वित्त आयोग स्थानीय निकायों को आर्थिक संसाधनों के वितरण में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस पद पर पवैया की नियुक्ति को न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह फैसला आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में नए शक्ति केंद्र उभरने का संकेत भी दे रहा है।

