नई दिल्ली, 28 मई । भारतीय नौसेना के सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी ने इतिहास रचते हुए अटलांटिक महासागर को पार कर किया है। सुदर्शिनी ने 27 मई को एंटीगा पहुंचकर भारत की समुद्री परंपरा और नौसैनिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।‘लोकायन 26’ अभियान के तहत यह यात्रा भारतीय नौसेना की एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा है। यहां से यह भारतीय पोत अमेरिका की ओर रवाना होगा। एंटीगा पहुंचने पर जहाज का भव्य स्वागत भारत के मानद कॉंसुल जनरल विजय तेवानी और एंटीगा एवं बारबुडा डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ब्रिगेडियर टेलबर्ट बेंजामिन ने किया।
दरअसल, यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि आईएनएस सुदर्शिनी का यह पहला ट्रांस-अटलांटिक क्रॉसिंग अभियान है। इससे पहले भारतीय नौसेना का ऐसा ऐतिहासिक अटलांटिक पार अभियान वर्ष 2007 में आईएनएस तरंगिणी द्वारा किया गया था। नौसेना के मुताबिक, केप वर्डे के मिंडेलो से एंटीगा तक का सफर पूरे अभियान का सबसे लंबा चरण रहा। यह समुद्री यात्रा लगातार 19 दिनों तक चली। खास बात यह रही कि इस दौरान जहाज ने अधिकांश यात्रा पारंपरिक पालों के सहारे पूरी की।
विशाल लहरें, तेज हवाएं और अटलांटिक महासागर की कठिन परिस्थितियां लगातार चुनौती बनी रहीं, लेकिन भारतीय नौसैनिकों ने बेहतरीन समन्वय, सतत निगरानी और पारंपरिक नौवहन तकनीकों के दम पर हर मुश्किल को पार किया। इस ऐतिहासिक यात्रा आईएनएस सुदर्शिनी ने कोच्चि से 20 जनवरी 2026 को शुरू की थी। कोच्चि से रवाना होने के बाद आईएनएस सुदर्शिनी ने 10,000 नॉटिकल मील की दूरी पूरी करने का महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है।
बता दें कि ‘लोकायन 26’ अभियान का उद्देश्य केवल समुद्री यात्रा करना नहीं, बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों के साथ समुद्री सहयोग बढ़ाना, सांस्कृतिक संबंध मजबूत करना और भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करना है। यह अभियान वसुधैव कुटुम्बकम् यानी ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ की भारतीय भावना को भी साकार करता है। पश्चिम एशिया, भूमध्यसागर, यूरोप और अफ्रीका में सफल पोर्ट कॉल्स के बाद अब यह अभियान कैरेबियन और अमेरिकी चरण में प्रवेश कर चुका है।
इसी क्रम में जहाज अमेरिका में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित सेल 250 कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। वहीं एंटीगा प्रवास के दौरान जहाज का दल पेशेवर बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों में हिस्सा लेगा। इसके बाद आईएनएस सुदर्शिनी अपनी अगली यात्रा के लिए अमेरिका के नॉरफॉक बंदरगाह की ओर रवाना होगा।




