सतना, अंबिका केशरी । गर्मी के मौसम में नलकूप खनन के प्रतिबंध का फर्जी आदेश दिखा कर मैनेजर से पांच हजार रुपये की वसूली करना तीन पुलिसकर्मियों को मंहगा पड़ गया। जैसे ही मामला रीवा रेंज के आईजी के संज्ञान में आया उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। मामला जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र का है। जहां पुलिस कर्मियों द्वारा अवैध वसूली का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, जिले में नलकूप (बोरवेल) खनन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं होने के बावजूद पुलिस ने नियमों का डर दिखाकर बोरवेल मैनेजर से पैसे वसूल लिए।बताया गया है कि रीवा जिले के सेमरिया निवासी रामबहोर यादव बोरवेल खनन का कार्य करते हैं। बीते रविवार की रात उनकी मशीन धारकुंडी थाना अंतर्गत जमुआनी गांव में बोरिंग करने गई थी। रात करीब 1:30 बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बोरिंग का काम रुकवा दिया। उन्होंने मैनेजर अजीत से कहा कि बोरिंग पर प्रतिबंध है और बिना अनुमति कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि पुलिसकर्मी बृजेश पटेल ने मोबाइल पर प्रतिबंध का कथित आदेश दिखाया और मैनेजर अजीत को अपनी गाड़ी में बैठाकर शुकवाह और फिर विजयपुर की ओर ले गए। इस दौरान उन्होंने कार्रवाई की धमकी देते हुए 10 हजार रुपये की मांग की और कहा कि थाना प्रभारी को “मैनेज” करना पड़ेगा, अन्यथा मशीन जब्त कर ली जाएगी। डर के कारण मैनेजर अजीत ने 5 हजार रुपये देकर खुद को छुड़ाया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए आईजी गौरव राजपूत ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसपी हंसराज सिंह ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी बृजेश पटेल, विकास राजपूत और सुरेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

