नई द‍िल्‍ली, 11 अगस्त । रूस के व‍िदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है क‍ि यूक्रेन जानबूझकर उस जगह पर हमले कर रहा है जहां व‍िदेशी नागर‍िक रहते हैं। मंत्रालय का आरोप है क‍ि ऐसा करके यूक्रेन रूस के म‍ित्र देशों से भाईचारे को खत्‍म करना चाहता है।

रूसी समाचार एजेंसी 'टास' की र‍िपोर्ट के अनुसार, रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा क‍ि निजनेकाम्स्क में ज्‍यादातर विदेशी नागरिक रहते हैं और यूक्रेन ने जानबूझकर इस जगह पर हमले कर लोगों को न‍िशाना बनाया। जाखारोवा ने कहा क‍ि आमजन को न‍िशाना बनाकर यूक्रेन न‍ियमों का उल्‍लंघन कर रहा है। उन्‍होंने कहा क‍ि इसके पीछे यूक्रेन का मकसद रूस और उसके मित्र देशों के बीच भाईचारे वाले रिश्तों में दरार डालना है।

राजनयिक के अनुसार, इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश विदेशी नागरिक थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतकों में उज्‍बेकिस्तान के आठ नागरिक और ताजिकिस्तान का एक नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, लगभग 20 विदेशी नागरिक घायल हुए हैं।

'टास' की र‍िपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी बयान में जाखारोवा ने कहा, "कीव के नव-नाज‍ियों ने जानबूझकर उन जगहों को निशाना बनाया जहां हमारे मित्र देशों के नागरिक रहते और काम करते हैं, ताकि हमारे लोगों के बीच भाईचारे के रिश्तों में दरार डाली जा सके।"

उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सशस्त्र बलों के इन हमलों का असर सिर्फ आम रूसी नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के नागरिकों पर भी पड़ रहा है।

जाखारोवा ने कहा, "हम पीड़ितों के परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सभी सदस्यों से अपील करते हैं कि वे यूक्रेनी नव-नाज‍ियों के इन बर्बर अपराधों की निंदा करें।"

'टास' के अनुसार, इससे पहले तातारस्तान प्रशासन ने बताया था कि 10 अगस्त को गणराज्य पर दुश्मन ड्रोन से हमला किया गया था, जिसमें एक बच्चे सहित 13 लोगों की मौत हो गई।

अधिकारियों के अनुसार, 78 लोगों ने चिकित्सकीय सहायता मांगी, जबकि 25 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

तातारस्तान गणराज्य में औद्योगिक और नागरिक ठिकानों पर यूक्रेनी सशस्त्र समूहों की ओर से किए गए कथित हमले के मामले में रूसी आपराधिक संहिता की धारा 205 के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद पूरे गणराज्य में शोक दिवस घोषित किया गया।