प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ युवा शिवसेना का मांग पत्र

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छतरपुर ,शिवम सोनी। छतरपुर में प्राइवेट स्कूलों की कथित मनमानी और कमीशनखोरी के खिलाफ युवा शिवसेना (यूबीटी) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी को मांग पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है और 10 दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
छतरपुर में बुधवार दोपहर करीब 12 बजे युवा शिवसेना (यूबीटी) के जिला प्रमुख नीतेश तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में जिले के निजी स्कूलों में चल रही कथित मनमानी, कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
युवा शिवसेना का आरोप है कि कई प्राइवेट स्कूल हर साल किताबें बदल देते हैं, जिससे अभिभावकों को मजबूरन नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं। संगठन का कहना है कि इन किताबों पर स्कूल प्रबंधन को मोटा कमीशन मिलता है। इसके अलावा कुछ स्कूल विद्यार्थियों को तय की गई दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जहां किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाती, जो नियमों के खिलाफ है।
मांग पत्र में यह भी बताया गया कि कुछ स्कूल रिजल्ट घोषित होते ही अपने ही परिसर में किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री बेचने लगते हैं। संगठन ने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि स्कूलों की किताबें किसी भी दुकान पर उपलब्ध हों और उन पर 10 से 15 प्रतिशत तक की छूट दी जाए।
युवा शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान युवा शिवसेना जिला प्रमुख नीतेश तिवारी सहित संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


