रबी उपार्जन की तैयारियां: उपार्जन केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं और सुचारू परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश

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सागर ,जीशान। रबी विपणन वर्ष 2026–27 में गेहूं उपार्जन को लेकर प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपार्जन केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने कहा कि रबी उपार्जन केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं और उपार्जन के साथ-साथ परिवहन की व्यवस्था भी समय पर की जाए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही अपनी फसल का उपार्जन कराएं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीएम और तहसीलदार पंजीकृत किसानों का शत-प्रतिशत सत्यापन करें। पंजीयन में दर्ज फसल और रकबे में अंतर, पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक पंजीयन, 5 हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों, सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के मामलों का विशेष सत्यापन किया जाए।
बैठक में उपार्जन केंद्रों पर हाई स्पीड इंटरनेट, बिजली या जनरेटर, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, यूपीएस और अन्य तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा किसानों के लिए प्रतीक्षा कक्ष, पेयजल, शौचालय, छाया, कुर्सी-टेबल और बैठने की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया।
उपार्जन केंद्रों पर नमी मापक यंत्र, ग्रेडिंग मशीन, बड़े छन्ने और गुणवत्ता परीक्षण उपकरणों की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार फसल की गुणवत्ता जांच मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी, जिसमें सर्वेयर द्वारा सैंपलिंग कर गुणवत्ता की प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। सागर संभाग में इस वर्ष 85 हजार 371 किसानों ने रबी उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है, जिनमें सागर जिले के 39 हजार 705 किसान शामिल हैं। संभाग में कुल 437 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 176 केंद्र सागर जिले में बनाए गए हैं। अनुमान है कि इस वर्ष संभाग में 6 लाख 61 हजार 686 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा, जिसमें सागर जिले का संभावित उत्पादन 3 लाख 44 हजार 50 मीट्रिक टन है।
बैठक में संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी, कलेक्टर संदीप जी.आर., अपर कमिश्नर पवन जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


