भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा भवन में 'संसद यूथ पार्लियामेंट 2026' का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें देश के 12 राज्यों से आए 52 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से देश के लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी सरकार के लिए 'राम और रहीम' दोनों के लिए अधिकार और कानून समान हैं।


समान नागरिक संहिता (UCC) पर बोले मुख्यमंत्री

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जिसने यूसीसी लागू करने के लिए विधेयक पारित किया है: सीएम ने बताया कि यूसीसी के लिए कराए गए व्यापक सर्वे में 76 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए किसी वर्ग को उसके अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता। एक देश, एक विधान और एक प्रधान की व्यवस्था के साथ हर नागरिक को समान न्याय मिलना चाहिए।


युवाओं और महिलाओं की भूमिका पर जोर

डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में मातृसत्ता को हमेशा सर्वोपरि रखा गया है। युवा संसद में बेटियों की 33 प्रतिशत से अधिक भागीदारी इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने युवाओं को सीख देते हुए कहा कि केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनने तक सीमित न रहें, बल्कि पढ़-लिखकर देश की राजनीति में आएं और लोकतंत्र को मजबूत करें। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए कहा कि देशसेवा के लिए उन्होंने आईसीएस की नौकरी ठुकरा दी थी।


एमपी में औद्योगिक विकास और युवा कल्याण का बजट

कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत और युवा प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे: 'दिलीप बिल्डकॉन' के सीएमडी दिलीप सूर्यवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में भारी उद्योगों के साथ-साथ छोटी इकाइयों में भी बड़ा निवेश आ रहा है। युवा सांसद आरब सिंह शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में खेल एवं युवा कल्याण के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा है। इसके साथ ही प्रदेश में संचालित 274 सांदीपनि विद्यालयों के अलावा 200 नए सांदीपनि विद्यालय और बनाने का लक्ष्य रखा गया है।