बुलंदशहर। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय बाहुबली सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर रविवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा हंगामा हुआ। बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले दो युवकों ने सांसद पर चप्पल फेंक दी और नारेबाजी की। इस घटना के बाद सांसद समर्थकों और हमलावरों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया जबकि दूसरा फरार हो गया। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है और संसद परिसर में हुए एक हालिया प्रदर्शन से इस पूरी घटना के तार जोड़े जा रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ रविवार शाम?
शाम करीब 5:30 बजे पप्पू यादव अपने दिल्ली आवास पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उसी दौरान सुमित प्रधान और हैप्पी शर्मा नाम के दो युवक वहां पहुंचे और अचानक उन पर चप्पल फेंक दी। पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने सुमित प्रधान उर्फ सुमित गिरि गोस्वामी को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उसका साथी हैप्पी शर्मा मौके से भाग निकला। समर्थकों ने आरोप लगाया कि आरोपियों के पास चाकू भी था, जिससे बचाव के दौरान एक समर्थक की उंगली में कट लगा। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और हिरासत में लिए गए आरोपी सुमित को थाने ले आई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस बात का सत्यापन किया जा रहा है कि उनके पास कोई धारदार हथियार था या नहीं।
आरोपियों की पहचान और उनका पक्ष
पुलिस जांच और सोशल मीडिया के विवरण के अनुसार दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से संबंध रखते हैं:
बुलंदशहर के सहपानी गांव का निवासी है और गाजियाबाद में लोहे के सामान का काम करता है। बुलंदशहर के नेथला हसनपुर गांव का निवासी है।
आरोपी का दावा: "चाकू नहीं ले गए थे"
फरार आरोपी हैप्पी शर्मा ने एक बयान में कहा कि वे सांसद के घर के बाहर चल रहे एक प्रदर्शन के सिलसिले में बात करने पहुंचे थे। उसने आरोप लगाया कि सांसद ने संसद परिसर में भगवान राम और साधुओं के स्वरूप का अपमान किया था, जिसका विरोध करने वे गए थे। हैप्पी ने चाकू ले जाने के आरोप को पूरी तरह से नकारते हुए कहा कि हाथापाई के दौरान उन्होंने चप्पल फेंकी थी, चाकू सांसद के समर्थकों द्वारा खुद लाया गया है।
घटना की वजह: संसद परिसर में राम मंदिर चंदे का 'शॉर्ट प्ले'
इस हमले की पृष्ठभूमि 31 जुलाई को संसद भवन परिसर में हुए एक प्रदर्शन से जुड़ी बताई जा रही है:
मानसून सत्र के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर साधु के वेश में एक दानपेटी लेकर पहुंचे थे। वहां राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मुद्दों को लेकर एक सांकेतिक प्रदर्शन/शॉर्ट प्ले किया गया था। इस प्रदर्शन को लेकर वाराणसी के कोतवाली थाने में पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर की शिकायत पर एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई थी। लखनऊ के एक हिंदूवादी संगठन के नेता ने सांसद के इस प्रदर्शन पर आपत्ति जताते हुए विवादास्पद बयान भी जारी किया था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पप्पू यादव (सांसद): "आपके सामने हमला हुआ है। मेरा क्या गुनाह है? यह मेरी हत्या करने की साजिश थी।"
अखिलेश यादव (सपा प्रमुख): समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पप्पू यादव से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि हिंसा हार और हताशा का प्रतीक है। उन्होंने सांसद की सुरक्षा में चूक की जांच करने और लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की।




