गोंडा। महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न के चर्चित मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह तथा WFI के पूर्व सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी (Acquit) कर दिया है। सोमवार को फैसले के समय बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर दोनों ही अदालत में मौजूद थे। 1,133 दिनों तक चले इस मामले में कुल 127 सुनवाइयां हुईं और 32 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। 2 जुलाई 2026 को अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
फैसले के बाद किसने क्या कहा?
बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा: जज साहब ने कहा कि आपको बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले दिन ही कहा था कि अगर एक भी आरोप साबित हो जाए तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। मेरे लिए यह बेहद खुशी का दिन है—होइहि सोइ जो राम रचि राखा। इस केस से यह बात साबित हो गई कि अपने स्वार्थ के लिए बड़े खिलाड़ी भी झूठ बोल सकते हैं। उनके बेटे और सांसद करण भूषण सिंह ने कहा कि उनके पिता के खिलाफ एक बड़ी राजनीतिक साजिश रची गई थी जो आखिरकार नाकाम हुई। WFI के वर्तमान अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित थे। इस विवाद के कारण भारतीय कुश्ती को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया: "लड़ाई जारी रहेगी, हाईकोर्ट जाएंगे"
कोर्ट के इस फैसले पर महिला पहलवानों और उनके साथियों ने निराशा जताई है, लेकिन साथ ही कानूनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है: विनेश फोगाट: "सत्ता और बाहुबल के दम पर पूरे तंत्र ने बृजभूषण को बचाने का काम किया। हमने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दे दिया है। महिला पहलवान अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।" बजरंग पूनिया: "हम समझ नहीं पा रहे हैं कि किस आधार पर उन्हें बरी किया गया। गवाहों को प्रभावित किया गया। पर हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है।" महावीर फोगाट (द्रोणाचार्य अवॉर्डी): "कोर्ट का फैसला सर्वमान्य है। सभी पहलवानों ने अपनी लड़ाई लड़ी, लेकिन देश में कोर्ट से बड़ा कोई नहीं है।"
2023 से 2026 तक: मामले की पूरी टाइमलाइन
- जनवरी 2023: विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित देश के शीर्ष पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बृजभूषण के खिलाफ धरना शुरू किया।
- अप्रैल 2023: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो प्राथमिकियां (FIR) दर्ज कीं। (बाद में एक नाबालिग शिकायतकर्ता ने अपना बयान वापस ले लिया था)।
- जुलाई 2023: बृजभूषण शरण सिंह को नियमित जमानत मिली।
- मई 2024: दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने आरोप (Charges) तय किए और औपचारिक ट्रायल शुरू हुआ।
- 2 जुलाई 2026: राउज एवेन्यू कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई और फैसला सुरक्षित रखा गया।
- अगस्त 2026: कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी किया।
आगे का वैधानिक रास्ता
नियमों के मुताबिक, पीड़ित पक्ष (महिला पहलवान) इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें फैसले के 60 दिनों के भीतर हाईकोर्ट में अपील दायर कर विशेष अनुमति (Leave to Appeal) मांगनी होगी।




