मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने उन चर्चाओं को महज अफवाह करार दिया, जिसमें यह कहा जा रहा है कि अब आगामी दिनों में टीएमसी जैसी स्थिति शिवसेना (यूबीटी) की भी होगी। उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अफवाहों का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं होता है। ऐसी स्थिति में मेरा आप लोगों से यही कहना है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, जब तक किसी के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ जाती।

हालांकि, अरविंद सावंत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अब अगर सांसद हमें छोड़कर जाना चाहता है तो हम उसे रोक नहीं पाएंगे। भला जाने वालों को कैसे रोका जा सकता है। ऐसे लोगों को रोके जाने का कोई मतलब नहीं बनता है।

इसके अलावा, उन्होंने शिवसेना के ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' क्या होता है। शिवसेना का रोज ऑपरेशन हो रहा है। शिवसेना के लोगों को दिल्ली में जाकर अपना सिर झुकाना पड़ रहा है, लेकिन अफसोस की बात है कि ये लोग इस बारे में अपनी बात नहीं रख रहे हैं। इसके विपरीत, शिवसेना (यूबीटी) को लेकर अफवाहों को प्रचारित कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

साथ ही, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनके मुताबिक, इस पार्टी का कोई भी नेता कहीं नहीं गया है। भाजपा के लोग राजनीतिक दुराग्रह से ग्रसित होकर बेबुनियादी अवधारणाओं को आम लोगों के बीच में प्रचारित करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा के लोग सिर्फ झूठ ही बोलते हैं। इन लोगों ने हमेशा से ही हर मुद्दे को लेकर झूठ ही बोला है। अभी हाल ही में ये लोग मोदी सरकार के 12 साल पूर्ण होने पर लोगों के बीच में झूठ फैला रहे हैं कि हमने यह उपलब्धि प्राप्त की है तो ये उपलब्धि प्राप्त की है।

इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार कह रही है कि हमने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया। अगर आपने ऐसा कर भी दिया, तो क्या अन्य प्रदेशों में रहने वाले हिंदू जम्मू-कश्मीर में रहने लगे? क्या आपने जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से को आजाद करवा लिया, जो मौजूदा समय में पाकिस्तान के हिस्से में है?

साथ ही, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना पंडित जवाहर लाल नेहरू से किए जाने पर आपत्ति जताई। उनके मुताबिक, पंडित नेहरू ने इस देश के लिए बहुत कुछ किया। 197 करोड़ जब इस देश का बजट था तो उसमें से 196 करोड़ पंडित नेहरू ने दिए थे और वो बाकायदा 9 महीनों तक अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोलने की वजह से सलाखों के पीछे भी रहे थे। उस वक्त भाजपा के लोग कहां पर थे?

अरविंद सावंत ने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इस देश को आईआईएम जैसे संस्थान दिए। मौजूदा केंद्र सरकार ने क्या किया? कुल मिलाकर, दोनों की पारस्परिक तुलना अप्रासंगिक है। इस सरकार ने जितने भी पुल बनाए, वे ध्वस्त ही हो गए। मैं केंद्र सरकार से चाहता हूं कि वो हमें बताएं कि इन 12 सालों में इनकी क्या उपलब्धियां रही हैं। उधर, अगर बेरोजगारी की बात करें तो युवा वर्ग त्रस्त है। सभी लोग देश की नागरिकता छोड़कर दूसरे देश जा रहे हैं।