लखनऊ। पश्चिम उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं, जिनमें बागपत, बड़ौत और छपरौली शामिल हैं। यहां की राजनीति मुख्य रूप से किसान आंदोलन, चौधरी चरण सिंह की विरासत और जातीय समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती है। वर्तमान में बागपत जिले की तीनों विधानसभाओं पर भाजपा नीत एनडीए का कब्जा है। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और लोकदल बागपत में एक-दूसरे के खिलाफ थे।

जिले की छपरौली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय लोकदल के विधायक अजय कुमार कर रहे हैं, जबकि बड़ौत विधानसभा से भाजपा के कृष्णपाल मलिक वर्तमान विधायक हैं। वहीं, बागपत विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व योगेश धामा कर रहे हैं।

2022 के विधानसभा चुनाव में छपरौली विधानसभा सीट से अजय कुमार ने 29 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी। यहां से उन्होंने भाजपा के सहेंद्र सिंह रमाला को हराया था। अजय कुमार को कुल 1,11,880 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को कुल 82,372 वोट हासिल हुए। बसपा के सहिक कुल 9,774 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर थे। कांग्रेस के मोहम्मद युनुस समेत पिछली बार कुल 11 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी।

पिछली बार बड़ौत विधानसभा पर कांटे का मुकाबला रहा। यहां भाजपा के कृष्णपाल मलिक और लोकदल के जयवीर के बीच हार-जीत का अंतर महज 315 वोटों का था। कृष्णपाल मलिक के पक्ष में कुल 90,931 वोट पड़े थे, जबकि लोकदल के जयवीर को 90,616 वोट हासिल हुए। तीसरे नंबर पर रहे बसपा के अंकित शर्मा को कुल 11,244 वोट हासिल हुए। 2022 में इस सीट पर कुल छह उम्मीदवार थे।

वहीं, बागपत विधानसभा सीट पर भी भाजपा और लोकदल के बीच मुकाबला रहा। भाजपा के योगेश धामा ने 6,733 वोटों के अंतर से लोकदल के प्रत्याशी को हराया था। जहां योगेश धामा को कुल 1,01,420 वोट मिले थे, वहीं लोकदल के मोहम्मद अहमद हमीद को 94,687 वोट हासिल हुए। बसपा के अरुण कसाना 12,863 वोट हासिल करके तीसरे नंबर पर रहे। पिछली बार बागपत सीट पर कुल 11 उम्मीदवार उतरे थे।