छतरपुर, संतोष शिवहरे। जिला अंतर्गत राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पिपट में एक दुखद और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक की आत्महत्या के बाद भी उसका परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से उनके हौसले बुलंद हैं, और अब पीडि़त परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इस संबंध में पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक छतरपुर को शिकायती पत्र सौंपकर सुरक्षा और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की गुहार लगाई है।


झूठे केस में फंसाने पर बड़े भाई ने की थी खुदकुशी


पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में ग्राम पिपट निवासी 24 वर्षीय ब्रजकिशोर कुशवाहा पुत्र रामप्रसाद कुशवाहा ने बताया कि थाना राजनगर में पंजीकृत अपराध क्रमांक 137/2026 के तहत नामजद आरोपी—श्रीमती बतीबाई जोशी, कु. छोटू उर्फ कृष्णा जोशी, कु. मिथलेश जोशी, नीरज जोशी और राममिलन जोशी—उसके बड़े भाई देवीदीन कुशवाहा को छेडख़ानी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर लगातार प्रताडि़त कर रहे थे।


इस मानसिक प्रताडऩा से तंग आकर देवीदीन ने बीते 12 मई 2026 को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डालकर अपनी व्यथा बताई और उसी दिन दोपहर करीब 1 बजे खेत में चिल्ला के पेड़ से फांसी लगा ली। गंभीर हालत में परिजन उसे जिला अस्पताल छतरपुर, फिर जे.ए.एच. हॉस्पिटल ग्वालियर और अंतत: बिरला हॉस्पिटल ग्वालियर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही देवीदीन ने दम तोड़ दिया।


ताजा घटनाक्रम के अनुसार, 7 जून 2026 की शाम करीब 6 बजे जब ब्रजकिशोर अपने खेत पर बकरियां चरा रहा था, तभी मुंह पर कपड़ा बांधे तीन-चार अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए केस में राजीनामा करने का दबाव बनाया। बदमाशों ने साफ तौर पर धमकी दी कि यदि केस वापस नहीं लिया, तो पूरे परिवार को जान से खत्म कर दिया जाएगा।


पीडि़त ने लगाई सुरक्षा और न्याय की गुहार


लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत पीडि़त परिवार ने 8 जून 2026 को पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की है। आवेदक ब्रजकिशोर ने निवेदन किया है कि अज्ञात बदमाशों द्वारा दी जा रही धमकियों पर रोक लगाई जाए और फरार आरोपियों को शीघ्र अति शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा पीडि़त या उसके परिजनों के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।