बीजिंग। संयुक्त राष्ट्र स्थित चीनी स्थाई प्रतिनिधि फु त्सोंग ने 22 अक्टूबर को यूएन महासभा में सुरक्षा परिषद के सुधार पर भाषण देते हुए बल दिया कि सुरक्षा परिषद के सुधार का अंतिम लक्ष्य विकसित देशों के प्रतिनिधित्व के अधिशेष की स्थिति को बदलना है ।उन्होंने कहा कि चीन सुरक्षा परिषद द्वारा ज़रूरी और जायज़ सुधार से प्रतिष्ठा और कुशलता उन्नत कर संकट और चुनौती का बेहतर निपटारा करने और यूएन चार्टर द्वारा प्रदत्त कर्तव्य अच्छी तरह निर्वहन करने का समर्थन करता है।
फु त्सोंग ने बताया कि सुरक्षा परिषद के सुधार में विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व और अभिव्यक्ति अधिकार उन्नत करने पर फोकस रखना है। विभिन्न सदस्य देशों के मतैक्य का सम्मान कर एक पैकेज समाधान पर कायम रहना है और अंतर-सरकार वार्ता के मुख्य माध्यम की सुरक्षा करनी है।
फु त्सोंग ने कहा कि चीन विभिन्न पक्षों के साथ समान कोशिश जारी रखकर सुरक्षा परिषद के सुधार को सदस्य देशों के समान हितों से मेल खाने और यूएन कार्य के स्वस्थ विकास की दिशा में सुनिश्चित करने और अधिक निष्पक्ष व युक्तियुक्त वैश्विक शासन व्यवस्था के निर्माण के लिए योगदान देगा।
(साभार - चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
















