भोपाल, जीतेन्द्र यादव। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आंदोलनकारियों को जबरन हटाए जाने और गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए और सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।


उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदर्शन और विरोध की हर आवाज़ को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना में कथित भ्रष्टाचार और आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अमित भटनागर और उनके साथियों की गिरफ्तारी पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।


नेता प्रतिपक्ष ने सभी गिरफ्तार आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए सरकार से दमनात्मक कार्रवाई बंद करने, प्रभावित लोगों की बात सुनने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से होना चाहिए।


सिंघार ने अपने बयान में कहा कि भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र लाठी से नहीं, बल्कि संवाद से चलता है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों के साथ बातचीत कर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।