सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अंतर्गत आने वाले भैरुंदा के गोपालपुर थाना क्षेत्र से रिश्तों के बिखरने और सामाजिक ताने-बाने के टूटने की एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ 'मेरी पत्नी और वो' जैसी परिस्थितियों में उलझकर एक युवक की हंसती-खेलती जिंदगी पूरी तरह तबाह हो गई। करीब 9 साल पुराने प्रेम विवाह के दुखद अंत और पारिवारिक विवाद के सदमे को बर्दाश्त न कर पाने के कारण एक आहत पति ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आत्मघाती कदम उठाने से पहले युवक ने एक बेहद भावुक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए कुछ लोगों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने शव को थाने के सामने रखकर करीब दो घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान गोपालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम किशनपुर निवासी मनीष पंवार के रूप में हुई है। मनीष ने लगभग नौ वर्ष पूर्व अंकिता नामक युवती से प्रेम विवाह किया था, और दोनों के दो छोटे बच्चे भी हैं। विवाह के शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य चल रहा था और मनीष निजी तौर पर गाड़ी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। काम के सिलसिले में मनीष को अक्सर कई दिनों तक घर से बाहर रहना पड़ता था, और इसी दौरान उनके पारिवारिक रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई जो अंततः इस खौफनाक मोड़ पर आकर समाप्त हुई।


किराए के मकान से शुरू हुआ विवाद और बिखर गया हंसता-खेलती परिवार

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मनीष अपने परिवार के साथ भैरुंदा की नर्मदा कॉलोनी में एक किराए के मकान में रहने गया। वहां रहने के दौरान मनीष की पत्नी का संपर्क मकान मालिक कीर्तन यादव से हुआ, जो धीरे-धीरे मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से काफी बढ़ गया। जब मनीष और उसके परिवार को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने आपसी समझाइश से मामला सुलझाने का प्रयास किया। लेकिन विवाद कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ गया, जिसके बाद महिला कथित तौर पर अपने दोनों बच्चों और पति को छोड़कर घर से चली गई। मनीष ने अपने बिखरते हुए परिवार और पत्नी के रिश्ते को बचाने के लिए अपनी तरफ से हर संभव कोशिश की थी। उसने काम के सिलसिले में बाहर रहने की मजबूरी को खत्म करने के लिए अपनी इकलौती गाड़ी तक बेच दी। गाड़ी बेचने से मिले करीब दो लाख रुपये और अन्य स्रोतों से कर्ज लेकर उसने गांव में ही छह गायें खरीदीं ताकि वह डेयरी का व्यवसाय शुरू कर सके और अपने बच्चों व पत्नी के साथ ज्यादा समय बिता सके। लेकिन उसकी यह त्याग और कोशिश भी काम नहीं आई, और घरेलू कलह मानसिक प्रताड़ना में बदलती चली गई।


सुसाइड वीडियो में बयां किया दर्द और पुलिस पर लापरवाही के आरोप

जहरीला पदार्थ खाने से ठीक पहले मनीष ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में मनीष अपने सात साल के बेटे और पांच साल की बेटी का जिक्र करते हुए फूट-फूटकर रोता हुआ नजर आ रहा है। उसने अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर ब्लैकमेल करने, लगातार धमकियां देने और मोटी रकम की मांग करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की पूरी प्रमाणिकता और निष्पक्षता से जांच की जा रही है, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों और किशनपुर के ग्रामीणों ने गोपालपुर थाने का घेराव कर दिया। उन्होंने शव को मुख्य सड़क पर रखकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिजनों का आरोप है कि मनीष ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पहले भी थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते इसे गंभीरता से नहीं लिया। मौके पर पहुंचे एसडीओपी रोशन कुमार जैन और थाना प्रभारी महेंद्र सिंह गौड़ ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और वीडियो साक्ष्य के आधार पर दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त वैधानिक कार्रवाई करने का लिखित भरोसा दिया, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त किया जा सका।