मुंबई। अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले को लेकर फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक जगत से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अभिनेत्री रेणुका शहाणे, कांग्रेस नेता राज बब्बर, शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे और अभिनेता महेश ठाकुर ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और अपराध पर सख्ती से कार्रवाई करने की जरूरत पर जोर दिया।अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को लेकर अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने कहा कि यह बेहद डराने वाली घटना है। उन्होंने राहत जताई कि टाइगर इस घटना से पूरी तरह सुरक्षित बच गए।
शहाणे ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कई वर्षों से इस तरह की घटना देखने को नहीं मिली थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति सामने आना चिंताजनक है। इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, अन्यथा लोगों में घर से बाहर निकलने को लेकर डर बढ़ सकता है और उन्हें सुरक्षा के साथ ही बाहर जाना पड़ेगा। इस तरह के भय के माहौल को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
हरियाणा के करनाल में कांग्रेस नेता राज बब्बर ने भी टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, इसलिए इस समय ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। बब्बर ने राहत जताते हुए कहा कि भगवान की कृपा से टाइगर सुरक्षित बच गए। उन्होंने जांच पूरी होने से पहले मामले पर किसी तरह का निष्कर्ष निकालने से परहेज किया।
शिवसेना (यूबीटी) के एमएलसी अंबादास दानवे ने घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हथियारों का इस्तेमाल होना गंभीर चिंता का विषय है और इस मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए। दानवे ने कहा कि यदि मामले में बिश्नोई गैंग का नाम सामने आ रहा है, तो यह जांचना जरूरी है कि इस तरह की देसी पिस्तौलें कहां से आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी गिरोह के पास अत्याधुनिक हथियार होने की बात कही जाती है, तो इस घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों के स्रोत की भी पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अपराध पर सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ गया है।
अभिनेता महेश ठाकुर ने भी फायरिंग की घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगती है, तो गृह मंत्रालय और पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए। किसी एक व्यक्ति को जेड श्रेणी की सुरक्षा दे देने से बाकी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती। यदि एक व्यक्ति सुरक्षित हो जाता है, लेकिन मुंबई के दूसरे नागरिक असुरक्षित महसूस करते हैं, तो समस्या का समाधान नहीं होता।
उन्होंने कहा कि मुंबई ही नहीं, बल्कि देश के सभी राज्यों में अपराध की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक कार्रवाई जरूरी है।















