दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक स्कूल में तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे 11वीं कक्षा के एक छात्र की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

जानकारी के मुताबिक, यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के छोटे फुब्बारे के पास स्थित लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को हुई। ग्राम जोनिया निवासी 11वीं का छात्र राज कुशवाह स्कूल की छत पर स्वतंत्रता दिवस के लिए तिरंगा फहराने हेतु लोहे का पाइप लगा रहा था। इसी दौरान, छत के ठीक ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से यह लोहे का पाइप टच हो गया। पाइप के हाईटेंशन लाइन से संपर्क में आते ही राज को जोरदार करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस कर अचेत हो गया। हादसे के बाद स्कूल स्टाफ में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में राज को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।


परिजनों के गंभीर आरोप: "छुट्टी के बाद घर से बुलाकर करवाया काम"

घटना की सूचना मिलते ही राज के परिजन अस्पताल पहुंचे और बेटे का शव देखकर बिलख पड़े। इस दुखद घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं: परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने घटना की सूचना उन्हें तुरंत नहीं दी और करीब एक से डेढ़ घंटे तक मामले को छिपाए रखा। बताया गया है कि शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल की छुट्टी हो गई थी और राज बाकी बच्चों के साथ घर चला गया था। राज स्कूल संचालक नंदकिशोर कुशवाह के ही मकान में किराए पर रहता था। परिजनों का आरोप है कि छुट्टी के बाद स्कूल संचालक ने उसे वापस बुलाया और छत पर तिरंगा लगाने का यह जोखिम भरा काम सौंप दिया।


पुलिस ने शुरू की जांच

इस घटना ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच कर रही है कि आखिर एक छात्र से छत पर हाईटेंशन लाइन के पास यह खतरनाक काम क्यों करवाया जा रहा था।