बड़वानी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को बड़वानी जिले में आयोजित 'समाधान ऑनलाइन' कार्यक्रम के दौरान आम जनता से जुड़ी तीन प्रमुख शिकायतों की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान राजस्व, नगरीय प्रशासन और पंचायत विभाग में गंभीर लापरवाही उजागर होने पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से कई बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजपुर तहसील के आवेदक अजय द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि के भुगतान में देरी को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस मामले में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन तहसीलदार और वर्तमान में धार जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर आशा परमार को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही इस प्रकरण में दोषी पाए गए पटवारी मांगीलाल निगवाए और ललित बोरसे को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

दूसरा मामला प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से संबंधित था, जिसमें आवेदक रूपेश शर्मा की शिकायत की समीक्षा के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी मायाराम सोलंकी और जगदीश धांगड़ को निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए। इसी क्रम में राजपुर के सहायक यंत्री बाबू डावर पर भी निलंबन की गाज गिरी है, जबकि नगरीय प्रशासन इंदौर के संयुक्त संचालक एस.के. सिन्हा को लापरवाही के चलते कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

तीसरे मामले में पानसेमल क्षेत्र के अंतर्गत संबल योजना की अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता राशि के भुगतान में अनावश्यक देरी सामने आई। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने पानसेमल जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर, जो वर्तमान में मुरैना में जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग के पद पर कार्यरत हैं, को निलंबित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेताया कि सभी पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना अनिवार्य है।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान के तहत स्थानीय किसानों से सीधा संवाद किया। किसानों ने अवगत कराया कि जिले में करीब 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में एचडी (हाई डेंसिटी) तकनीक से कपास की खेती की जा रही है, जिससे खाद की लागत में कमी और पैदावार में बढ़ोतरी हो रही है। मुख्यमंत्री ने आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके बाद उन्होंने विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब और आईसीटी लैब का निरीक्षण कर छात्र-छात्राओं से संवाद किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने विद्यार्थियों को सीख दी कि तकनीक उपयोगी है लेकिन उस पर आंख मूंदकर भरोसा करने के बजाय हमेशा अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए।