सागर, आशु दुबे। रहली स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में रात्रि गश्त के दौरान वन रक्षक पर हमला करने वाली बाघिन को वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उपचार एवं निगरानी के लिए जबलपुर भेज दिया है। घटना के बाद से वन विभाग की टीम लगातार बाघिन की तलाश में जुटी हुई थी।


जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले टाइगर रिजर्व में रात्रि गश्त कर रहे एक वन रक्षक पर अचानक बाघिन ने हमला कर दिया था। हमले में वन रक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल जिला अस्पताल सागर में भर्ती कराया गया। घटना के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान शुरू किया।


सर्चिंग के दौरान वन अमले को संबंधित बाघिन दिखाई दी। जांच में पता चला कि हमला करने वाली बाघिन लगभग 18 माह की मादा है। उसकी शारीरिक स्थिति सामान्य नहीं होने पर जबलपुर से विशेषज्ञ मेडिकल टीम को बुलाया गया। परीक्षण में सामने आया कि बाघिन काफी कमजोर थी और कई दिनों से भूखी होने के कारण उसकी स्थिति चिंताजनक थी।


वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और बेहतर उपचार एवं निगरानी के लिए जबलपुर भेजा गया है। वहीं, घटना के बाद टाइगर रिजर्व क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है तथा सभी वनकर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग का कहना है कि बाघिन के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद आगे की कार्रवाई विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार की जाएगी।