बड़ामलहरा, लोकेन्द्र सिंह। नगर की लगभग 30 हजार आबादी को पिछले चार दशकों से शुद्ध एवं स्वादिष्ट पेयजल उपलब्ध कराने वाले मौली रेस्ट हाउस स्थित बोरवेलों पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। प्रस्तावित फोरलेन राजमार्ग निर्माण के कारण इन बोरवेलों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे नगर की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इसी चिंता को लेकर नगरवासियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मुख्य जल स्रोत को सुरक्षित रखने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि मौली रेस्ट हाउस के बोरवेल पिछले लगभग 40 वर्षों से नगर की जलापूर्ति की रीढ़ बने हुए हैं और हजारों परिवारों की दैनिक जरूरतें इन्हीं पर निर्भर हैं।
नगरवासियों ने सवाल उठाया है कि एक ओर शासन जल जीवन मिशन और जल गंगा संवर्धन अभियान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दे रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर के सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोत को समाप्त करने की स्थिति बन रही है। यदि इन बोरवेलों को नुकसान पहुंचता है तो पूरे नगर को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि फोरलेन परियोजना के निर्माण के दौरान तकनीकी समाधान तलाशते हुए बोरवेलों को सुरक्षित रखा जाए। इसके लिए बोरवेलों के ऊपर ब्रिज निर्माण अथवा अन्य वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि सड़क निर्माण और जल संरक्षण दोनों उद्देश्य पूरे हो सकें।
नगरवासियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पांच दिवस के भीतर इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि मौली रेस्ट हाउस के बोरवेल केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि बड़ामलहरा की जीवनरेखा हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बचाया जाना चाहिए।

