छतरपुर, संतोष शिवहरे। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार अस्पताल की तीसरी मंजिल स्थित महिला वार्ड में ताला लगा मिला, जिससे इलाज के लिए पहुंची मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


बताया जा रहा है कि अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब है। वार्डों में पर्याप्त डस्टबिन नहीं होने से कचरा फैला रहता है, जबकि शौचालय बदहाल स्थिति में हैं। कई बाथरूमों में न तो रोशनी की व्यवस्था है और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। भीषण गर्मी के बावजूद कई वार्डों में कूलर और पंखे बंद पड़े होने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुछ मरीजों को जमीन पर लेटकर उपचार कराना पड़ रहा है।


अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के परिजनों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई बार मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है।


सबसे गंभीर मामला अस्पताल में परोसे जा रहे भोजन और वार्डों की स्वच्छता को लेकर सामने आया है। आरोप है कि भोजन में कीड़े-मकोड़े और कॉकरोच मिलने के साथ-साथ वार्डों में भी कॉकरोचों का आतंक देखा गया है। इस संबंध में सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल वीडियो भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।


स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने जिला प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही अस्पताल में स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था तथा मूलभूत सुविधाओं को तत्काल सुधारने की आवश्यकता जताई है।