छतरपुर, रोहित पाठक। नवरात्रि में प्रस्तावित रथ यात्रा को लेकर बागेश्वर महाराज ने भक्तों और समाज से जागरूक होकर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन, जमीर और संस्कृति को बचाने का संकल्प है। महाराज ने बताया कि यह उनकी तीसरी यात्रा है। दो वर्ष पूर्व पदयात्रा निकाली गई थी और अब रथ यात्रा के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
वक्फ संपत्तियों का जिक्र करते हुए बागेश्वर महाराज ने कहा कि देश में जमीन के महत्व को समझने की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय सेना, एयरपोर्ट और रेलवे के पास मौजूद भूमि का उल्लेख करते हुए वक्फ संपत्तियों के बड़े भू-क्षेत्र की बात कही और लोगों से इस विषय पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने अधिकारों, जमीन और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सजग रहना चाहिए।
बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने और समाज की सामर्थ्य को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के हितों और संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को स्वयं जागरूक होकर आगे आना होगा। उन्होंने कहा, “अब न गांधी जी आएंगे, न सुभाष चंद्र बोस, न सरकार बचाएगी, हमें स्वयं अपने अधिकारों और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना होगा।”




